UK की करेंसी पर दिखेगी भारतीय मूल की जासूस? पढ़िए- नूर का पूरा सफर और टीपू सुल्तान से कनेक्शन

पंद्रहवीं सदी के सूफ़ी संत जुमा शाह की वंश से जुड़ी होने की वजह से सूफ़ी संगीत प्रेमी और बेहद ख़ूबसूरत महिला नूर इनायत खान (Noor Inayat Khan) का भारत से खास लगाव था. वह महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के विचारों की प्रशंसक थीं.

लखनऊ के नाम पर क्या कहते थे लालजी टंडन, पढ़ें- अटलजी के खास और मायावती के भाई होने की वजह

लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत संभाल चुके वाले लालजी टंडन (Lalji Tandon) को बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) भी अपना बड़ा भाई मानती रही हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों ही रिश्ते की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

Social Media पर सबसे बड़ा अटैक, पढ़ें- Twitter पर हाई प्रोफाइल हैकिंग-Bitcoin Scam का पूरा मामला

हाई प्रोफाइल वेरिफाइड ट्विटर (Twitter) अकाउंट्स से इस तरह के ट्वीट देखकर हैरत लाजिमी थी. हालांकि दिग्गजों की ठगों जैसी भाषा से लोगों को शक भी हुआ. अब इन अकाउंट्स के लाखों की संख्या में फॉलोवर्स (Followers) हैं तो नुकसान का आकलन फिलहाल जारी है.

यूरोप को भारत की समुद्री राह दिखाने की मुहिम के 523 साल, पढ़ें- वास्को डी गामा के सफर की पूरी डिटेल

कोलंबस (Christopher Columbus) की यात्रा के करीब 5 साल बाद पुर्तगाल के नाविक वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) भारत का समुद्री मार्ग खोजने निकले. सफर का दिन पुर्तगाल के शाही ज्योतिषयों ने बड़ी सावधानी से चुना था. गामा 170 नाविकों और चार जहाजों के एक बेड़े के साथ लिस्बन...

Book Review: कौटिल्य-गांधी के आदर्श से मौजूदा सरकारी कामकाज तक: पब्लिक पॉलिसी की पड़ताल

शासन व्यवस्था की गतिशीलता को रेखांकित करने के साथ ही सुशासन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा और भविष्य का आकलन करते हुए इस दिशा में आनेवाली विभिन्न चुनौतियों और समाधान का रास्ता सुझाने की कोशिश भी लेखक ने पुस्तक में की है.

केदारनाथ त्रासदी के 7 साल: आपदा के कारण-राहत-बचाव की पूरी कहानी, क्या हमने सीखा सबक?

तेज गति से हो रहे पुनर्निर्माण से हालात सुधारने की कोशिशें जारी हैं. मगर इसकी याद हमें पर्यावरण (Environment) से सरोकार रखने की सबक याद दिलाती रहेगी. आइए, केदारनाथ धाम में सात साल पहले आई इस प्राकृतिक आपदा (Kedarnath tragedy) के बारे में फिर से जानते हैं.

G-7 हो जाएगा G-11? पढ़ें- ट्रंप के दिमाग में क्यों चढ़े ये चार देश, कितना बढ़ेगा भारत का दबदबा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि वे भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को भी G-7 के शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता देंगे. उन्होंने कहा, "अगला सम्मेलन सितंबर में या उससे पहले हो सकता है या फिर संयुक्त राष्ट्र की महासभा (UNGA) के बाद.

हांगकांग पर थोपे चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का क्या है मकसद? पढ़ें- क्यों हो रहा दुनिया भर में विरोध

विस्तारवादी कम्यूनिस्ट चीनी सरकार (China Communist government) अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज (Dissent) को दबा देना चाहती है. अंतरराष्ट्रीय जगत में यह साफ है कि उसने इस नए कानून के जरिए हांगकांग (Hong Kong) के प्रदर्शनकारियों को कमजोर करने की कोशिश की है.

चीन भूल रहा भारत का एहसान, पढ़ें-पंडित नेहरू और UNSC की स्थायी सदस्यता के सवालों का सच

पंडित जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की 56वीं पुण्यतिथि (Death Anniversary) पर चीन की हरकतें उसकी एहसानफरामोशी की याद ताजा करवा देती हैं. नेहरू की वजह से चीन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनी. हालांकि UNSC की सदस्यता के सवाल से जुड़े तथ्यों पर ऐतिहासिक विवाद है.

बुद्ध मुस्कराए: पोखरण में पहला परीक्षण, जानें- भारत कैसे बना था दुनिया का छठा परमाणु पॉवर

18 मई रविवार को इस गर्व से भर देने वाली घटना के 46 साल पूरे हो चुके हैं. इस पहले परमाणु परीक्षण ने ही देश में बुद्ध दोबारा मुस्कराए यानी पोखरण में दूसरे परमाणु परीक्षण 'ऑपरेशन शक्ति' की नींव रख दी थी. आइए, पोखरण-1 के बारे में कुछ और खास...

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857: ऐसे डरे और बदले थे अंग्रेज, क्रांति को ‘असफल’ बताने में पार की सारी हदें

10 मई, 1857 को जली स्वतंत्रता (First freedom Struggle 1857) की पहली चिंगारी ने ही 90 साल तक भारतीय लोगों के संघर्ष को जारी रखा और अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने पर मजबूर किया. आइए, जानते हैं कि साल 1857 की महान क्रांति के बाद ब्रिटिशर्स पर क्या असर हुआ.

महाराणा प्रताप को 30 साल तक छू नहीं पाया था अकबर, शिवाजी ने भी आजमाए थे यही दांव-पेंच, पढ़ें पूरा किस्सा

आइए, महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की वीरता और युद्ध कौशल के बारे में जानते हैं. उनकी छिटपुट या गुरिल्ला जैसी युद्ध की पद्धति (Art of War) को कई सालों बाद शिवाजी महाराज (Shivaji) जैसे महान योद्धाओं ने भी अपनाया था.

जलियांवाला बाग नरसंहार के 101 साल, आखिर क्यों माफी नहीं मांग रहा अफसोस और शर्म से भरा ब्रिटेन

जलियांवाला बाग नरसंहार दुनियाभर के लोगों को बर्बर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल की याद दिलाता है. वहीं भारतीय लोगों को हमेशा इसका ध्यान दिलाता रहेगा कि हमने कितने ही बलिदानों की कीमत चुकाकर अपनी आजादी हासिल की है.

Lockdown के बाद यूपी बीजेपी की नई टीम का ऐलान संभव, मिशन-2022 के लिए क्या हैं समीकरण

बीजेपी (BJP) के नए प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के नेतृत्व में बनने वाली टीम के कार्यकाल यानी साल 2022 में यूपी विधानसभा का चुनाव (UP Assembly Election) भी होनेवाला है. इसलिए नई टीम को लेकर वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता भी सामने आ रही है.

‘ए मुंडा ते बड़ा भागांवाला ए’, जानें- शहीद दिवस पर भगत सिंह की कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें

आइए, आज शहीद दिवस पर अपने नायक भगत सिंह के बारे में कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें जानते हैं.

राज्यसभा के सांसद मनोनीत, जानें- देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के टॉप 5 फैसले

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के कुछ ऐतिहासिक फैसले की बात करें तो इसमें सबसे बड़ा मामला अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर था. गोगोई के करियर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला बताया जाता है.

100 CC बाइक से घूमा 25 हजार किलोमीटर, सोलो ट्रैवलर को लोगों ने समझा किडनैपर और ड्रग पैडलर

क‍िताब में यात्रा के पड़ाव और रास्ते में मिले स्थानीय लोगों की भाषा, शैली, खानपान और सोच वगैरह के बारे में भी बताया गया है. पूरी किताब में तकरीबन 350 तस्वीरें हैं. खुद से की गई महज एक कम‍िटमेंट के सहारे यह यात्रा पूरी की गई है.

बीजेपी के लिए कितने फायदेमंद होंगे कांग्रेस से आए ज्योतिरादित्य सिंधिया? ये हैं 10 बड़ी संभावनाएं

आइए, जानते हैं कि बीजेपी ने किन बड़ी संभावनाओं को भांपकर सिंधिया का पार्टी में समारोहपूर्वक स्वागत किया. ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने से बीजेपी को ये 10 बड़े फायदे हो सकते हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ छोड़ने से कितना कमजोर होगा कांग्रेस का हाथ? ये हैं 10 बड़े नुकसान

आइए, जानते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कांग्रेस (Congress) छोड़ने से पार्टी को क्या 10 बड़े नुकसान हो सकते हैं.

ब्रिटिश महारानी के ताज में जड़े 2900 बेशकीमती जवाहरात, सबसे बड़ा कोहिनूर और सबसे महंगा ये हीरा

लगातार 67 साल से ग्रेट ब्रिटेन की राजशाही का प्रतीक बन चुकीं 92 साल की क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय से भी ज्यादा आकर्षण उनके कोहिनूर जड़े क्राउन यानी राजमुकुट में हैं. आइए, इस क्राउन, राजमुकुट या ताज के बारे में और ज्यादा जानते हैं.

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की नई पार्टी से किसके पैरों तले खिसकेगी ज़मीन, क्या बदलेंगे सियासी समीकरण?

यूपी में विधानसभा का चुनाव 2022 में होनेवाला है. इससे दो साल पहले चंद्रशेखर के सक्रिय राजनीति में आने की बात ने प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों का ध्यान खींचा है.

छत्तीसगढ़ IT Raid का छठा दिन, पढ़ें- सबसे ज्यादा चर्चा में आई सौम्या चौरसिया से जुड़ी पूरी कहानी

छत्तीसगढ़ में आईटी रेड के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया ने खींचा है. छापे के पांचवे दिन सोमवार को उनके घर इनकम टैक्स विभाग की टीम जांच शुरू कर पाई थी.

औरंगज़ेब का सत्ता संघर्ष : दारा शिकोह समेत तीनों भाइयों के कत्ल और शाहजहां की नजरबंदी का सच

आगरा शहर को समर्पित इस खंड में लेखक ने औरंगज़ेब और उसके भाइयों दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श के बीच शाहजहां के तख्त हासिल करने को लेकर हुए खूनी संघर्ष की पड़ताल की है.

हाशिमपुरा केस में 16 पुलिसकर्मियों को सुनाई थी सजा, पढ़ें- कौन हैं जनहित याचिकाओं के ‘फ्रेंड’ जस्टिस मुरलीधर

साल 2018 में जस्टिस एस मुरलीधर ने गौतम नवलखा समेत कई लेफ्ट एक्टिविस्ट को माओवादियों से जुड़े होने के मामले में जमानत दिया था.

यहां एक साथ रहते हैं 60 देशों के खास लोग, पढ़ें- फ्रांस से आकर पाांडिचेरी में किसने बनाया ऑरोविल

पांडिचेरी में मीरा अल्फांसा और उनके पति पॉल रिचर्ड ने श्रीअरविंद के साथ मिलकर आर्य नामक एक पत्रिका की शुरूआत भी की. साल 1920 में वह दोबारा पांडिचेरी आईं और हमेशा के लिए भारत में रहीं.

नृपेंद्र मिश्र को मिली अयोध्या में राम मंदिर बनाने की जिम्मेदारी, पढ़ें- क्यों हैं पीएम मोदी की पहली पसंद

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव का पद छोड़ने के अपने फैसले के बाद नृपेंद्र मिश्र ने एक बयान में कहा था कि अब उनके लिए आगे बढ़ने और सार्वजनिक ध्येय और राष्ट्रीय हित के लिए समर्पित रहने का समय है.

नेहरू से मोदी तक कई प्रधानमंत्री बने ‘गुरुजी’ के प्रशंसक, सामने कभी कुर्सी पर नहीं बैठे अटल

नागपुर के बाद साल 1927 में उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमएससी की डिग्री हासिल की. वह राष्ट्रवादी नेता और बीएचयू के संस्थापक मदन मोहन मालवीय से बहुत प्रभावित थे. आध्यात्मिक तौर पर वह स्वामी विवेकानंद के गुरुभाई अखंडानंद के शिष्य बने.

Delhi Assembly Election Result : इन 9 अहम वजहों से दिल्ली में और मजबूत हुई केजरी ‘वॉल’

आइए, हम जानने की कोशिश करते हैं कि केजरीवाल की लगातार दूसरी बड़ी जीत के पीछे कौन-कौन से बड़े कारण रहे. उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली के लोगों का दिल कैसे जीत लिया?

Delhi Election Result खोल सकता है नेशनल पॉलिटिक्स का रास्ता, केजरीवाल को रखने होंगे ये सधे कदम

आइए, हम जानते हैं कि अरविंद केजरीवाल अपनी किन गलतियों से सबक लेकर भारतीय राजनीति के राष्ट्रीय फलक पर चमक सकते हैं. वहीं इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने लिए उन्हें अपने किन गुणों को आगे रखना होगा?

23 साल बाद तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर का कुंभाभिषेकम, जानें- UNESCO के विश्व धरोहर का इतिहास और रहस्य

इस पवित्र अवसर पर लाखों श्रद्धालु कावेरी नदी के तट पर मंदिरों के नगर तंजावुर पहुंचे. तंजावुर जिला प्रशासन का दावा है कि इस कुंभाभिषेकम में दस लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए.