उन्‍नाव रेप पीड़‍िता की मां ने बयां किया दर्द- हमारे पास महंगी दवाइयों के पैसे नहीं

पीड़‍िता की मां ने सड़क दुर्घटना को 'साजिश' करार दिया. उन्‍होंने कहा कि उनके पास 'महंगी दवाइयां खरीदने के पैसे नहीं हैं.'

‘नरेंद्र मोदी’ का 6 दिन में ही बदल दिया नाम, पकड़ा गया मां का झूठ, देखिए VIDEO

बच्चे के पिता का नाम मुश्ताक अहमद है. वो खाड़ी देशों में जॉब करते हैं और इस वक्त घर में नहीं हैं. मुश्ताक के पिता इदरीस ने अपनी बहू का समर्थन किया और बच्चे का नाम नरेंद्र मोदी रख दिया गया.

‘राहुल गांधी के नामांकन में कोई गड़बड़ नहीं’, अमेठी के RO का फैसला

आरोप लगाया गया था कि ट्रिनिटी कॉलेज और रॉलिंस कॉलेज से 'राहुल गांधी' नाम के किसी भी शख्‍स ने डिग्री नहीं ली।

PM मोदी और CM योगी के बाप का नहीं किसानों को मिलने वाला पैसा: BJP सांसद का हमला

भाजपा सांसद ने कहा कि मैंने पीएम मोदी से कहा कि वो किसानों के लिए भी सरकारी नौकरी की तरह 60 साल की उम्र के बाद पेंशन योजना लागू करें.

तो इस वजह से बीजेपी ने काट दिए इन दिग्गज दलित नेताओं के टिकट

उपचुनावों में हुए गठबंधन के सफल प्रयोग के बाद बीजेपी ने दलित प्रेम दिखाने की गरज से कई कदम उठाए हैं लेकिन दलित का मन अभी भी डोल रहा है

क्या पुलवामा के शहीदों की बदरंग होली के हिस्सेदार हम नहीं हैं? देखिए, उनके घर का हाल

अपने को खो जाने का दर्द,  उसके बिना जिंदगी की कल्पना,  त्योहारों में उनकी नामौजूदगी शहीद के परिजनों के शरीर मे सिरहन पैदा कर देती है.  एकबारगी तो भरोसा नहीं होता कि उनका अपना अब उनके बीच नही है.

यूपी में बीजेपी ने अपने 6 सांसदों के टिकट क्यों काट दिए, जानिए वजह

बीजेपी द्वारा जारी पहली लिस्ट में उत्तर प्रदेश के 28 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिसमें पार्टी ने एक केंद्रीय मंत्री और चार दलित सांसदों के टिकट काट दिए हैं. कुल 6 सांसदों को पार्टी फिर मौका क्यों नहीं दे रही? जानिए

यूपी की इस लोकसभा सीट पर बीजेपी नहीं खोल पाई है खाता, एक बार फिर ‘पहलवान’ से होगा मुकाबला

लोकसभा 2019 चुनाव नजदीक है. ऐसे में सबसे जरूरी उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटें हैं. बीजेपी ने 2014 में मोदीलहर पर सवार होकर यूपी की 71 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था. इसके बावजूद बीजेपी सूबे की ये सीट जीतने में नाकाम रही थी.

क्योटो तो नहीं बन पाई काशी! 2019 में ऐसे होंगे सियासी समीकरण

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में वाराणसी लोकसभा सीट हमेशा से अहम मानी जाती रही है. इस सीट पर कई शानदार चुनावी मुकाबले हुए हैं. माना जा रहा है कि इस बार भी पीएम मोदी यहां से ताल ठोकेंगे. देखना होगा कि अबकी बार उन्हें किससे चुनौती मिलती है.

मायावती मांगेंगी मुलायम के लिए वोट, 26 साल बाद एक मंच पर दिखेगा माया-मुलायम का साथ

सियासत में स्थायी कुछ भी नहीं होता. न दुश्मनी न दोस्ती.  कभी कांशीराम और मुलायम बगलगीर हुआ करते थे और आज अखिलेश और माया एक साथ हैं.

पश्चिमी यूपी में बड़ा सवाल, दलितों का बड़ा नेता कौन, मायावती या चंद्रशेखर आजाद

पश्चिमी यूपी में भीम आर्मी का बड़ा जनाधार है हालांकि अभी इसका स्वरूप गैर राजनीतिक है लेकिन चंद्रशेखर के साथ जुड़े हुए दलित माया को नुकसान  पहुंचा सकते है.