आज ही के दिन शुरू हुआ था विराट कोहली का इंटरनेशनल करियर, 2011 में धोनी ने ग्रहण लगने से बचाया

एक स्टाइल मारने वाले खिलाड़ी से ‘स्टायलिश’ बनने का उनका सफर कमाल का है. लेकिन विराट के लिए टेस्ट करियर की शुरुआत बहुत ख़राब रही थी. उस वक्त अगर एमएस धोनी (MS Dhoni) साथ न खड़े होते तो विराट कोहली (Virat Kohli) के सफ़र पर ग्रहण लगना तय दिख रहा...

राग भीमपलासी पर हुई लड़ाई ने तबला वादक पंडित जसराज को बना दिया महान गायक

पंडित जी की बेटी दुर्गा जसराज कहा कि उम्र के लिहाज से देखें तो बापू जी 90 साल के थे, लेकिन मंच पर उनकी गायकी सुन लें तो समझ आता था कि शेर की तरह दहाड़ती हुई उनकी आवाज़ साढ़े तीन सप्तकों में फर्राटे से दौड़ती थी.

जब पंडित जसराज ने कर्नाटक के CM को फोन कर कहा- आप राहुल द्रविड़ के समर्थन में क्यों खड़े नहीं होते

खेलों की दुनिया जसराज जी को हमेशा से अच्छी लगती थी. क्रिकेट के अलावा चेस, टेनिस बैडमिंटन सभी में उनकी रुचि थी. वे कहते थे- “खेल में मन को तकलीफ नहीं होती, अपना कोई खिलाड़ी आउट हो जाए तो बुरा जरूर लगता है लेकिन खेल खुशियां देता है.”

MS Dhoni Retirement: 2011 का वर्ल्ड कप और धोनी के वो ‘मास्टरस्ट्रोक’ जिसे हमेशा याद रखा जाएगा

क्रिकेट का खेल बल्ले और गेंद की सीधी लड़ाई है. एमएस धोनी (MS Dhoni) ने इसे हमेशा इतना ही आसान रखा. लेकिन जहां कभी मामला पेंचीदा हुआ धोनी अपना एक्स फैक्टर लाए. ये एक्स फैक्टर ही दरअसल उनका मास्टरस्ट्रोक कहलाया.

धोनी इसलिए माने जाते हैं करिश्माई कप्तान, जानें ‘माही’ के क्रिकेट करियर से जुड़े तीन ऐतिहासिक पल

रिकॉर्ड्स गवाह हैं कि एमएस धोनी (MS Dhoni) दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के सभी टूर्नामेंट्स बतौर कप्तान जीते. आज आपको बताते हैं क्रिकेट की उन सुनहरी और ऐतिहासिक जीतों के बारे में जिसकी फ्रंटसीट पर धोनी थे.

MS Dhoni Retired: 23 दिसंबर 2004 को शुरू हुआ सफर आखिरकार खत्म, लंबा चला अटकलों का दौर

एमएस धोनी (MS Dhoni) को लेकर अटकलों का बाजार इसलिए भी गर्म था क्योंकि क्रिकेट के खेल में एक के बाद एक घटनाएं हो रही थीं. अव्वल तो वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद धोनी ने खुद को टीम में सेलेक्शन के लिए ‘अवेलेबल’ नहीं कराया.

शाहिद भाई जैसा खिलाड़ी तो शायद मिल भी जाए इंसान नहीं मिलेगा

लगता है सारे दृश्य बिल्कुल ताजा हैं. करीबी मित्र और साथी पत्रकार ने उस रोज फोन करके बताया था- मोहम्मद शाहिद नहीं रहे. बनारस से जब उन्हें लाया गया था तब से लेकर जब तक वो होश में थे तब तक अपनी बीवी को यही कहते थे कि पार्टनर परेशान...

Happy Birthday Dhanraj Pillay: जब धनराज पिल्लै पाकिस्तान की बेंच पर लहरा आए थे तिरंगा

धनराज पिल्लै (Dhanraj Pillay) ने बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ जब भी मैं खेला हूं मैं ‘इमोशनली’ खेला हूं कोई गेम स्ट्रेटजी, प्लान बनाकर नहीं खेला.

Happy B’day Sunny Sir: क्या आप जानते हैं गावस्कर पर वेस्टइंडीज में लिखा गया है गाना, पढ़िए- दिलचस्प कहानी

आखिर क्यों पूरी दुनिया के मुकाबले वेस्टइंडीज में गावस्कर को लेकर इतनी ज्यादा थी दीवागनी? क्या है उस गाने की कहानी ? आज सुनील गावस्कर के जन्मदिन (Sunil Gavaskar Birthday) पर कुछ शानदार किस्से...

अब से कुछ घंटे बाद होने जा रहा है क्रिकेट का पुनर्जन्म

अब 116 दिन बाद एक बार फिर क्रिकेट के मैदान में लाइव ऐक्शन होगा. इंग्लैंड और वेस्टइंडीज (England vs West Indies) की टीमें इसके लिए तैयार हैं. इंग्लैंड की टीम साउथैम्पटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलेगी.

दुश्मन पर वार, यारों का यार और जिम्मेदारियों से प्यार करने वाले क्रिकेटर का नाम है ‘हरभजन सिंह’

ये सच है कि हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) भारतीय क्रिकेट के कई बड़े विवादों से जुड़े रहे, लेकिन उससे भी बड़ा सच ये है कि हरभजन सिंह भारत की तमाम ऐतिहासिक जीत के नायक भी रहे. भारत के इस महान खिलाड़ी का आज जन्मदिन है और उनके जन्मदिन पर पढ़े...

क्या थे वो तीन शब्द जिनकी बदौलत आज ही के दिन 1983 में विश्व चैंपियन बनी थी Team India

1983 वर्ल्ड कप (1983 World Cup) जीत की तस्वीरें हम सभी के जेहन में अब भी ताजा हैं. मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम जब वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम में पहुंची तो कई खिलाड़ी वाकई रो रहे थे.

World Music Day Special: सुना तो होगा… आज जानिए क्या होता है सेमी क्लासिकल म्यूज़िक

आज WORLD MUSIC DAY है. आज हम आपको बताते हैं कि सेमीक्लासिकल म्यूजिक किसे कहते हैं. एक-एक कर के आपको बताते हैं सेमीक्लासिकल म्यूजिक के प्रकार-

World Music Day: संगीत के सात सुर बने वो 7 सितारे जिन्होंने दुनिया में बढ़ाया भारत का सम्मान

आज World Music Day है. इस खास मौके पर आज हम आपको उन सात हस्तियों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने संगीत की दुनिया में भारत को सम्मान दिलाया.

Happy Birth Day Leander Paes: आखिर किस मिट्टी के बने हैं लिएंडर पेस

टेनिस के खेल में लिएंडर पेस की जितनी कामयाबियां हैं, अगर वो क्रिकेट के खेल में होती तो वो भारत के सुपरस्टार होते. उनके पीछे ऑटोग्राफ लेने वालों की कतार लगी होती. हर पांचवें विज्ञापन में लिएंडर पेस ही नजर आ रहे होते. शायद उन्हें भारत रत्न दिए जाने की...

1983 विश्व कप में आज ही के दिन कपिल देव ने खेली थी 175 रनों की पारी, उस अनदेखी पारी की पूरी कहानी

कपिल देव (Kapil Dev) के दिमाग में लगातार ये बात चल रही थी कि गेंद उनके बल्ले के बीचोंबीच लग रही है और वो रन बना सकते हैं. अगली 18 गेंद में उन्होंने 30 रन जड़ दिए.

Happy Birthday Miandad…कभी थे इमरान के करीबी फिर क्यों हो गई तनातनी? पढ़िए Interesting किस्सा

जावेद मियांदाद (Javed Miandad) को 1992 में पाकिस्तान की जीत के बाद कप्तानी दी गई थी. उन्होंने अपनी कप्तानी में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की जमीन पर पाकिस्तान को टेस्ट मैचों में जीत भी दिलाई थी.

आज ही के दिन हुई थी 2019 विश्व कप के सफ़र की शानदार शुरुआत, फिर क्यों टूटा ख़िताब का सपना?

विश्व कप के इतिहास में ये पहला मौक़ा था जब भारतीय बल्लेबाज़ों के मुक़ाबले भारतीय गेंदबाजी यूनिट ज्यादा संतुलित थी. बावजूद इसके सेमीफाइनल में 18 रनों की हार के साथ टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर हो गई.

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की क्या हैं बर्थ डे बॉय वसीम अकरम से जुड़ी यादें ?

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) से उनके पहले टेस्ट मैच की बात करें या वसीम अकरम (Wasim Akram) की बात करें तो वो ये क़िस्सा ज़रूर सुनाते हैं.

आखिर क्या होती है क्रिकेट डिप्लोमेसी? वकार यूनुस इतनी आसान नहीं है भारत-PAK क्रिकेट रिश्तों की बहाली

भारत ने 2007-08 के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कोई टेस्ट सीरीज़ नहीं खेली है. 2013 में लिमिटेड ओवर की एक छोटी सी सीरीज़ दोनों देशों में हुई थी. लेकिन उसके बाद स्थितियां और ख़राब ही होती गईं.

जब PAK के गेंदबाजों को सहवाग और द्रविड़ ने रुला दिया था, अफरीदी ने आज क्यों याद किया वही मैच

इस मैच में थोड़ा सा मसाला शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) ने भी डाला था, अपने शतक के सफर में 63 रनों से 90 रनों तक का सफर उन्होंने सिर्फ एक ओवर में पूरा कर लिया. अफरीदी का शिकार बने थे हरभजन सिंह.

आज मेरा वेलेन्टाइन चला गया…वो भी सिर्फ 54 साल की उम्र में

इरफान अब नहीं है. ‘हैं’ और ‘था’ के बीच का फर्क एक पल का होता है. वो पल हमारे सामने आ चुका है. इरफान हमारे लिए अब ‘हैं’ नहीं ‘था’ हैं. लेकिन उनका अभिनय उनकी जिंदादिली हमेशा उन्हें जिंदा रखेगी.

गौतम गंभीर ने क्यों कहा- 2011 विश्व कप टीम इंडिया ने जीता था सिर्फ एक छक्के ने नहीं

2011 विश्व कप (2011 World Cup) में 275 रनों का पीछा करने में भारत के लिए सबसे ज्यादा 97 रन गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने ही बनाए थे, लेकिन धोनी (MS Dhoni) की 94 रनों की पारी उनकी पारी पर भारी पड़ी थी.

हरभजन सिंह को क्यों एक दोस्त का मैसेज इतना पसंद आया कि उन्होंने किया सैकड़ों दोस्तों को फ़ॉरवर्ड

मानवजाति को इस समय दवा के साथ साथ दुआ की भी जरूरत है. जरूरत है कि हम सभी उस शक्ति से प्रार्थना करें जिसे हम भगवान, अल्लाह, वाहेगुरु या गॉड कहते हैं. हरभजन सिंह का मोबाइल मैसेज यही बड़ा संदेश देता है.

आज 2011 World Cup में भारत ने पाकिस्तान को हराया था और भारतीय मीडिया ने ICC को

मोहाली में खेले गए इस मैच के पहले ही एक अप्रीय घटना घटी, जिसमें मीडिया ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और ICC को भी सबक सिखाया कि कई बार सही बात को लागू करने का तरीका भी सही होना चाहिए. जानिए चश्मदीद से पूरी कहानी...

ओलंपिक टलने का क्या एक मतलब ये भी है- हीरो बनेंगे जीरो और जीरो बनेंगे हीरो

ऐसा माना जाता है कि एथलीट (Athletes) अगर एक साल में अपनी रफ्तार में कुछ सेकेंड का रिकॉर्ड बेहतर कर ले तो वो सही दिशा में है. कोई टीम अगर चार साल में अपनी वर्ल्ड रैंकिंग में एक पायदान का इजाफा कर ले तो वो सही दिशा में है.

Coronavirus: क्यों अजीब लगती है इस मुश्किल वक्त में धोनी जैसे स्टार की चुप्पी

प्रधानमंत्री मोदी, सचिन तेंडुलकर, अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन और सैकड़ों जाने पहचाने चेहरों ने अलग-अलग माध्यम से अपना संदेश लोगों तक पहुंचाया है और उन्हें Coronavirus को लेकर जागरूक किया है.

ICC के एक सवाल ने किया बवाल, रोहित शर्मा ने भी मजाकिया अंदाज में जताई नाराजगी

सवाल एक खास शॉट को लेकर है और इस समय दुनिया भर में जो धूम रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के बल्ले की है उसके बाद क्रिकेट फैंस उनके पक्ष में ज्यादा जवाब दे रहे हैं.

Corona Outbreak के बीच हॉकी टीम के कैंप को हिम्मत का नाम दें या मजबूरी कहें

खिलाड़ियों को कोरोना (corona) से बचने के लिए जरूरी दिशानिर्देश दे दिए गए हैं. सभी खिलाड़ी अपने हाथों की लगातार सफाई के अलावा भी हर तरह की सतर्कता बरत रहे हैं.

वो वक्त भी था जब देश के सबसे लोकप्रिय चेहरों में शामिल थे पीके बनर्जी

पीके बनर्जी भारतीय फुटबॉल टीम (Indian Football Team) के सबसे अच्छे दौर के खिलाड़ी रहे थे. 1956 में भारतीय टीम ओलंपिक (Olympic Games) खेली तो वो उस टीम का हिस्सा थे. उस ओलंपिक में भारतीय टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था.