अब केवल 7 घंटे में पहुंच सकेंगे श्रीनगर से लेह, जानिए जोजिला टनल की खास बातें

जोजिला टनल (Zojila Tunnel) के बनने से श्रीनगर, द्रास, करगिल और लेह क्षेत्रों में हर मौसम के लिए कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी और दोनों स्थानों के बीच यात्रा में लगने वाले समय में 3 घंटे 15 मिनट की कमी आएगी.

अटल टनल (Atal Tunnel) की सौगात देने के बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में एशिया की सबसे बड़ी सुरंग का निर्माण कार्य शुरू किया है. केंद्रीय सड़क-परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए जोजिला सुरंग (Zojila Tunnel) के निर्माण के लिए पहला ब्लास्ट किया.

जोजिला टनल के बनने से श्रीनगर, द्रास, करगिल और लेह क्षेत्रों में हर मौसम के लिए कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी. इसके अलावा दोनों स्थानों के बीच यात्रा में लगने वाले समय में 3 घंटे 15 मिनट की कमी आएगी. यानी जोजिला टनल बनने के बाद लेह और श्रीनगर के बीच की दूरी 7 घंटों में पूरी की जा सकेगी.

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जोजिला सुरंग से जुड़ी खास बातें

  • ये प्रोजेक्ट लगभग 33 किलोमीटर के दो सेक्शन के अंदर दो डिवीजन में पूरा किया जाएगा. इसके पहले सेक्शन में 18.50 किलोमीटर की सड़क का निर्माण करना है. दूसरे सेक्शन में 9.5 मीटर चौड़ी और 7.57 मीटर ऊंची दो सड़क लेन वाली जोजिला पास सुरंग का निर्माण किया जाएगा. 14.15 किलोमीटर लंबी ये टनल घोड़े की नाल के आकार में बनेगी.

  • ऑल वेदर कनेक्टिविटी के लिए, Z-Morh से सुरंग तक जाने वाली एप्रोच रोड पर हिमस्खलन सुरक्षा होगी. सुरंग के अंदर हर 750 मीटर के बीच इमरजेंसी ले-बाय होगी. इसमें सड़क के दोनों ओर फुटपाथ भी होंगे. सुरक्षा के लिए, सुरंग के अंदर इमरजेंसी कॉल सर्विस, सीसीटीवी, फायर अलार्म, फायर हाइड्रेंट आदि लगाए जाएंगे.
  • हिमालय रेंज में कश्मीर से लद्दाख को जोड़ने वाली जोजिला पास टनल को बनाने का काम मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) को मिला है. नेशनल हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NHIDCL) की तरफ से इस प्रोजेक्ट की फाइनेंस बिड खोली गई थी, जिसमें MEIL ने दूसरी कंपनियों के मुकाबले सबसे कम कीमत रखी थी.
  • सीमा सड़क संगठन (BRO) ने कश्मीर से लद्दाख के बीच सभी यात्रियों के लिए सड़क यात्रा सुविधाओं में सुधार करने का निर्णय लिया है. इसके साथ-साथ बालटाल और मीनामर्ग के बीच दो एस्केप टनल बनेंगी. यह सुरंग अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों के लिए भी सुविधाजनक है. कारगिल के पास बालटाल बेस कैंप का इस्तेमाल अमरनाथ यात्रा के लिए किया जाएगा.

मालूम हो काफी ज्यादा बर्फबारी के चलते जोजिला पास साल के छह महीने तक वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहता है. सड़क खुलने पर भी इस रास्ते को पूरा करने में करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं. कश्मीर के सोनमर्ग और लद्दाख के कारगिल के बीच टनल बनने से ये सफर महज 15 मिनट में पूरा हो जाएगा. वाहनों की दोनों तरफ आवाजाही होगी. इसके अलावा ये टनल श्रीनगर, द्रास, कारगिल और लेह को एक सुरंग के जरिए जोजिला दर्रे से जोड़ेगी. सुरंग के सात साल में पूरा होने की उम्मीद है.

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