बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 144 मौतें, सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले में सुनवाई

याचिका में मांग की गई है कि निजी अस्पतालों को बीमार बच्‍चों का मुफ्त में इलाज करने को कहा जाए.
बिहार में, बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 144 मौतें, सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले में सुनवाई

नई दिल्‍ली: बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से हो रही बच्चों की मौत के मामले में दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है. सोमवार को इसपर सुनवाई होगी.

जनहित याचिका में राज्य और केन्द्र सरकार को इलाज के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिये जाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि बिहार सरकार बीमारी को फैलने से रोकने में नाकाम रही है इसलिए कोर्ट और केन्द्र सरकार मामले में दखल दे.

याचिका में कहा गया है कि बिहार सरकार और केन्द्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह प्रभावितों के इलाज के लिए बिहार मे करीब 500 आईसीयू और मोबाइल आइसीयू की व्यवस्था करे.

यह भी मांग की गई है कि बिहार सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह आदेश जारी करे जिसमें निजी अस्पतालों को बीमार बच्‍चों का मुफ्त में इलाज करने को कहा जाए. यह भी मांग की गई है कि इस बीमारी से जिन बच्चों की मौत हो गई है उनके पीड़‍ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए.

SKMCH में नीतीश को झेलना पड़ा विरोध

इंसेफेलाइटिस के कहर से बिहार में अब तक 144 बच्‍चों की मौत हो चुकी है. अकेले मुजफ्फरपुर में मौतों का आंकड़ा 112 तक जा पहुंचा है. मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर का दौरा किया था जहां सैकड़ों लोगों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया.

विरोध प्रदर्शन सरकारी श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) के बाहर हुआ. यहां नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पहुंचे थे. खराब इलाज और सुविधाओं की कमी से नाराज प्रदर्शनकारी ‘मुख्यमंत्री वापस जाओ’ जैसे नारे लगा रहे थे.

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती बच्चों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद वह प्रदर्शनकारियों से बात किए बिना वहां से चले गए. स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को एसकेएमसीएच का दौरा किया था.

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