Video: मुजफ्फरपुर में इंसेफ्लाइटिस से 36 बच्‍चों की मौत, अश्विनी चौबे ने दिया ये बयान

बिहार में हर साल की तरह इस वर्ष भी इस अज्ञात बीमारी से मरने वालों की संख्या 36 तक पहुंच गई है. हालांकि सरकार अभी 11 मौतों की ही बात कर रही है.

मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे का बयान सामने आया है. चुनाव की वजह से ज्यादातर सरकारी अधिकारियों का ध्यान इधर से हट गया था लिहाजा जागरण अभियान नहीं चलाया जा सका. चुनाव के बाद अब इस रहस्यमय बीमारी को लेकर जागरण अभियान शुरू किया गया है. गौरतलब है कि इस साल अभी तक इस बीमारी से 3 दर्जन से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है.

मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में चमकी और तेज बुखार बच्चों पर कहर बरसा रहा है. अब यह जानलेवा बीमारी महामारी का रूप लेती जा रही है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को इलाज की समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया है.

बच्चों पर चमकी और तेज बुखार का कहर जारी है. सोमवार को 40 पीड़ित बच्चों को मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में भर्ती किया गया. इनका इंसेफ्लाइटिस के तय प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है. दोनों अस्पतालों में भर्ती 19 बच्चों की मौत हो गई है. इनमें 18 एसकेएमसीएच और एक केजरीवाल में भर्ती थे. इन बच्चों की मौत के साथ पिछले 10 दिनों में बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या 50 के पार हो गई है. उधर वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के दो गांव में एक ही दिन में 5 बच्चों की मौत हो गई. मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने पर एसकेएमसीएच में चौथी पीआईसीयू भी खोल दी गई है.

मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में मस्तिष्क ज्वर से हो रही बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह बरसात के पूर्व होता है और गोरखपुर से आता है. पिछले वर्ष या कंट्रोल में था पर इस बार फिर बढ़ गया है जो चिंताजनक है. ऐसी घटनाएं ना हो इसको लेकर राज्य सरकार सारे इंतजाम कर रही है उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि लोगों को इस संबंध में जागरूक करें बच्चों को भूखा नहीं सोने दे.

हर साल गर्मी और लीची के मौसम में मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में इंसेफेलाइटिस जैसी किसी बीमारी से बच्चों की रहस्यमय मौत होती है. अब तक इस बीमारी से 50 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने कल मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि अब तक इस बीमारी से 11 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है.