बिहार बाढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव का दौरा या ड्रामा, जुगाड़ के नाव पर बच्चों को क्यों ले गए?

क्या सांसद का इस तरह अकेले बाढ़ प्रभावित इलाक़ों मे जाना ठीक था? क्या उन्हें अपने साथ समर्थकों और वीडियो में नज़र आ रहे बच्चों की ज़िदगी को ज़ोखिम में डालने का हक़ है?
BJP MP Ram Kripal Yadav fell, बिहार बाढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव का दौरा या ड्रामा, जुगाड़ के नाव पर बच्चों को क्यों ले गए?

बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव के बाद बाढ़ जैसे हालत की ख़बर मीडिया में आने के बाद से नेता प्रभावित इलाक़ों का मुआयना कर रहे हैं. वहीं कई नेता ऐसे भी हैं जो बाढ़ के नाम पर टूरिज़्म करते नज़र आ रहे हैं. बुधवार को कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला.

जब बीजेपी सांसद रामकृपाल यादव (BJP MP Ram Kripal Yadav) अपने लोकसभा क्षेत्र पाटलिपुत्र का दौरा करने निकले और पानी में डूबते-डूबते बचे. मौजूद स्थानीय लोगों ने छलांग लगाकर उन्हें डूबने से बचाया.

ज़ाहिर है बिहार में बारिश और बाढ़ से जनजीवन बेहाल है. ऐसे में सांसद साहब टार से बनी जुगाड़ वाली नाव के सहारे मुआयना करने निकले. चलिए ये भी ठीक है. लेकिन इस जुगाड़ वाली नाव पर समर्थकों को ले जाना नहीं भूले.

सांसद सहित सात लोग इस जुगाड़ की नाव पर सवार हो गए. जुगाड़ वाले नाव पर सात-सात लोग! बैलेंस बिगड़ा और गए नेताजी पानी में. जिन समर्थकों के जय-जयकार की सांसद जी को आदत थी उन्हीं ने उनकी नाव भी डुबो दी.

सोचिए बीजेपी सांसद बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा कर रहे थे लेकिन उनके पास कोई राहत सामग्री नहीं थी. अगर उस इलाक़े में कोई आदमी फंसा होता तो उसे नेताजी निकालकर लाते कैसे? क्या वह फंसा आदमी इंतज़ार करता कि सांसद जी अपने समर्थकों के साथ बाहर निकलेंगे, एनडीआरएफ टीम को फोन करेंगे और फिर उन्हें निकालेंगें?

क्या माननीय सांसद का इस तरह अकेले बाढ़ प्रभावित इलाक़ों मे जाना ठीक था? उन्हें अपने साथ समर्थकों और वीडियो में नज़र आ रहे बच्चों की ज़िदगी को ज़ोखिम में डालने का हक़ किसने दिया? क्या पानी के अंदर जाते हुए कुछ गोताखोरों को लाइफ़जैकेट के साथ नहीं ले जाना चाहिए था? बीजेपी सांसद के इस तरह दौरा करने से किसे फ़ायदा मिला?

बताया यह भी जाता है कि नाव में फोटो शूट कराने की वजह से नाव का संतुलन बिगड़ा और वे 12 फीट की गहराई में जा गिरे. हालांकि फोटो शूट वाले आरोप पर बीजेपी सांसद कहते हैं, ‘मैं कोई छोकरा नही हूं जो फ़ोटो शूट करवाऊंगा. लोगों के आग्रह पर चला गया था, बस जान बच गई. दो दिनों से प्रशासन के सामने नाव की गुहार लगा रहा हूं, कोई नहीं सुन रहा है. पटना जिलाधिकारी मेरा फ़ोन तक नही उठा रहे हैं. ये जलजमाव प्रशासनिक विफलता का परिणाम है.’

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग ज़िलों में हुई मुसलाधार बारिश की वजह से मौत का आंकड़ा 42 हो गया है, जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

बिहार के इन चार ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग की मानें तो अगले 48 घंटे बिहार के चार राज्यों पर भारी पड़ने वाले हैं. यानी कि गुरुवार और शुक्रवार को चार ज़िलों- पटना, वैशाली, बेगूसराय और खगड़िया में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. मौसम विभाग ने औरेंज अलर्ट जारी किया है.

दरअसल पूर्वी मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना है जो तेजी से नीचे की ओर शिफ्ट हो रहा है. इससे बिहार के कुछ जिलों में भारी और कहीं कहीं आंशिक बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग ने पहले भी चार अक्टूबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान बताया था. लेकिन पिछले दो दिनों से बारिश बंद होने के बाद लोग राहत महसूस कर रहे थे.

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