फोर्स में तो शहादत होती रहती है, मुझे भी सरेराह मारी जा सकती है गोली: बिहार डीजीपी

छपरा पुलिस लाइन में बिहार डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे ने शहीद को सलामी दी, फूल माला चढाई. सवाल पूछे गए तो डीजीपी साहब को गुस्सा आ गया.

बिहार में कानून-व्‍यवस्‍था का क्‍या हाल है, यह डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे के ताजा बयान से पता चलता है. बिहार पुलिस के एक दरोगा और एक सिपाही को सरेआम गोलियों से भून दिया गया, मगर डीजीपी कहते हैं कि ‘फोर्स में तो शहादत होती रहती है.’ सूबे की पुलिस के मुखिया यहां तक कह गए कि ‘डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे को भी सरेराह कोई गोली मार सकता है.’

शहीद दरोगा की मां बिहार डीजीपी के कदमो में पड़ी रो रही थी. छपरा पुलिस लाइन में डीजीपी साहब ने शहीद को सलामी दी, फूल माला चढाई लेकिन शहीद के भाई को बोलने की इजाजत नही. डीजीपी साहब अपनी बहादुरी का बखान कर रहे थे. शहीद के भाई ने बीच मे कुछ बोलने की हिमाकत कर दी, बस डीजीपी साहब को गुस्सा आ गया.

छपरा को ही देखें तो यहां सुबह में दो हत्या हुई और शाम में दो पुलिस वाले शहीद हो गए लेकिन डीजीपी साहब को गुस्सा नही आया. मगर जब ये पूछा गया कि क्या बिहार में अपराधियों की बहार है तो बिहार डीजीपी नाराज हो गए.

घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. ना तो अपराधी और ना ही आपराधिक गिरोह या फिर हत्या के कारणों का ही पता लगाया जा सका है.

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