बिहार में गर्मी का कहर, 22 जून तक स्कूल बंद, गया में धारा 144 लागू

बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी में मौत की वजह ब्रेन में ग्‍लूकोज की कमी बन रही है. डॉक्‍टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है.

पटना: बिहार में भीषण गर्मी का कहर जारी है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पिछले 3 दिनों के दौरान करीब 183 लोगों की मौत हो चुकी है. लू के शिकार सैकड़ों मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. पटना समेत राज्य के मुख्य शहरों में तापमान 45 डिग्री के आस-पास है. इस बीच शिक्षा विभाग ने ऐलान किया है कि 22 जून तक राज्य के सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे. गया में गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लागू की है.

राज्य में शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल 22 जून तक बंद रहेंगे. आदेश में कहा गया है, ‘राज्य में हर दिन बढ़ रही गर्मी और लू को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में दिनांक 22 जून तक बच्चों के पठन-पाठन को बंद करने का निर्णय लिया गया है.’

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धारा 144 लागू

गया में जिला कलेक्टर ने गर्मी के हालात को देखते हुए धारा 144 लागू की है. इसके तहत चार से ज्यादा लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हो सकते हैं. इसके अलावा सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सभी तरह के सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्यों, मनरेगा के तहत मजदूरी का काम और खुली जगह में किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम या लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है.

चरम पर जानलेवा गर्मी

शनिवार को 61 लोगों की मौत की बात सामने आई थी. सबसे अधिक मौतें औरंगाबाद, नवादा, पटना, पूर्वी बिहार, रोहतास, जहानाबाद और भोजपुर जिलों में हुई हैं. गया, नवादा और औरंगाबाद के अस्‍पतालों में 300 से ज्‍यादा मरीज भर्ती कराए गए हैं. साथ ही नए मरीजों के आने का सिलसिला लगातार जारी है. अकेले गया जिले में रविवार को 28 लोगों की मौत की खबर है.

ज्यादा पानी पीने की सलाह

डॉक्‍टरों के मुताबिक लू पीड़‍ितों को पहले बेचैनी हो रही है और उसके बाद वे बेहोश हो रहे है. फिर आधे से दो घंटे के बीच उनकी मौत हो रही है. बताया जा रहा है कि मौत की वजह ब्रेन में ग्‍लूकोज की कमी है. डॉक्‍टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है.