चार साल में नीतीश सरकार नहीं दे पाई दूसरे एम्स के लिए ज़मीन

स्वास्थ्य बजट में दो साल में कर दी थी डेढ़ हजार करोड़ रुपए की कटौती.

बिहार चमकी बुखार की चपेट में है. इसकी वजह से मौत के गाल में समाए बच्चों की संख्या डेढ़ सौ के आंकड़े तक पहुंच रही है. इस सबके बीच एक खास बात सामने आई है कि बिहार में दूसरा एम्स न बन पाने की वजह बिहार की सरकार है. नीतीश कुमार की सरकार चार साल तक प्रस्तावित एम्स के लिए जमीन नहीं आवंटित कर पाई. इसी वजह से केंद्र सरकार ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज को ही अपग्रेड करके एम्स जैसा बनाने का वादा किया है. बताते चलें कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज उन 39 अस्पतालों में से एक था जिसे अपग्रेड करने का फैसला 28 नवंबर 2014 को ही स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लिया गया था.

अब जब बिहार इनसेफिलाइटिस की वजह से देश भर में सुर्खियों में बना हुआ है तो राज्य में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल रही है. 2015-16 में बजट का भाषण देते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बिहार में एक और एम्स खोला जाएगा. उसके बाद बार बार स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूछा कि वो तीन-चार जगहों के विकल्प दें जहां एम्स खुल सकता है. लेकिन नीतीश सरकार जमीन नहीं उपलब्ध करा पाई. 19 दिसंबर 2017 को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने राज्य सभा में इस बात की पुष्टि कर चुके हैं.

Bihar, चार साल में नीतीश सरकार नहीं दे पाई दूसरे एम्स के लिए ज़मीन

जब राज्य सरकार जमीन नहीं मुहैया करा पाई तो तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 2 मार्च 2019 को दरभंगा हॉस्पिटल को ही एम्स जैसा अपग्रेड करने का ऐलान किया. ये ऐलान इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इसके कुछ ही समय बाद चुनाव होने वाले थे.

दो साल में घटा दिया डेढ़ हजार करोड़ स्वास्थ्य बजट

आंकड़े बताते हैं कि नीतीश सरकार ने पिछले सालों में स्वास्थ्य बजट में भारी कटौती की है. पॉलिसी रिसर्च स्टडीज के मुताबिक 2016-17 में बिहार का स्वास्थ्य बजट 8 हजार 234 करोड़ रुपए था. अगले साल घटाकर 7 हजार 2 करोड़ कर दिया गया. यानी 1200 करोड़ रुपए की कटौती हो गई. 2017-18 में नए अस्पताल या वार्ड के निर्माण बजट में भी 10 प्रतिशत की कटौती की गई और मात्र 819 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे.

साल 2019-20 में नीतीश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 9 हजार 622 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं.

ये भी पढ़ें:

बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 144 मौतें, सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले में सुनवाई

लीची को दोष मत दीजिए, इंसेफेलाइटिस की यह है वजह, पढ़ें डिटेल में