दिल्ली अग्निकांड: बिहार के इस गांव में छाया मातम, हर तरफ सन्नाटा, 40 लोग करते थे फैक्ट्री में काम

घटना के सामने आने के बाद इस पूरे गांव में सन्नाटा छा गया. कई परिवार के लोग अपनों को देखने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं.

दिल्ली के रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी में रविवार सुबह तीन कारखानों में आग लग गई थी. जिसमें 43 लोगों की मौत हो गई और 15 से ज्यादा लोग आग की चपेट में आने से घायल हैं. इन कारखानों में जैकेट, बैग, गद्दे बनाने और उनपर छपाई का काम होता है.

दरअसल, इस फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकतर मजदूर बिहार के रहने वाले थे. जिनमें से 35 से 40 लोग तो सिर्फ सहरसा के नरियार गांव के रहने वाले थे. इसी गांव के ज़ुबैर ने दिल्ली में अपनी एक फैक्ट्री खोल रखी थी, जो यहां से लड़कों को काम के लिए ले जाता था.

इस घटना के सामने आने के बाद से गांव में सबके चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. कई परिवार के लोग अपनों को देखने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. गांव के रहने वाले मोहम्मद संजीम को जब अपने एक जानने वाले के मौत की सूचना मिली तो उसके घर में सन्नाटा पसर गया.

कई ऐसे परिवार हैं जहां से कोई दिल्ली आने वाला तक नहीं है. उनके घरों में मातम पसरा हुआ है.

बता दें कि दिल्ली के इस फैक्ट्री में आग लगने की घटना रविवार तड़के 4 बजे के आसपास हुई. आग इतनी भीषण थी कि इसे काबू करने के लिए दमकल की करीब 35 से ज्यादा गाड़ियों को जुटना पड़ा.

लेकिन आग पर काबू पाया तबतक 43 लोगों की जिंदगियां खत्म हो चुकी थी. घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुआवजे का एलान किया है.

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