पानी पानी बिहार की राजधानी पटना, नगरवासी पूछ रहे हैं- कहां है स्मार्ट सिटी?

क्या राज्य सरकार भी पुराने पटना शहर को स्मार्ट सिटी का नाम देकर नई चुनौतियों से बचना चाहती है?
Flood like situation in Patna, पानी पानी बिहार की राजधानी पटना, नगरवासी पूछ रहे हैं- कहां है स्मार्ट सिटी?

Patna Flood: भारी बारिश से बिहार की हालत ख़राब है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार बता रहे हैं कि सवा सौ वर्ष में पहली बार मॉनसून में 160 प्रतिशत बारिश हुई है. स्वभाविक रूप से यह प्राकृतिक आपदा है. TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा इसलिए मैं कहता हूं कि हथिया नक्षत्र की शुरुआत हुई है और शुरुआत में ही इतनी ज़्यादा बारिश होना सबके लिए चिंता का विषय है. हमारी सरकार है आप आलोचना कीजिए लेकिन यह बताइए कि क्या कभी हथिया नक्षत्र की शुरुआत में इतनी ज़्यादा बारिश हुई है? मेरी उम्र 52 साल है लेकिन मैनें अपने जीवन में कभी भी इतनी बारिश नहीं देखी.’

हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दों दिनों में गंगा में जल स्तर बढ़ा और आज घटा भी. उन्होंने कहा, ‘पटना शहर में 38 पंप हाउस संचालित है लेकिन उसके बावजूद जल की निकासी कहां होगी?’

इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने मौजूदा स्थिति को लेकर कहा, ‘लोगों को भी अपना मन और हौसला थोड़ा बुलंद रखना चाहिए. नेचर किसी के हाथ में नहीं है. यहां तक कि मौसम विज्ञान भी सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक बात बदल जाती है. ऐसी परिस्थिति में हिम्मत से काम लेने की ज़रूरत है.’

सवाल यह उठता है कि जब राज्य में लगातार तीन बार से नीतीश कुमार की सरकार ही रही है तो जल निकासी के लिए अब तक प्लान बी क्यों नहीं तैयार किया गया?

इतना ही नहीं राज्य सरकार ने पटना के आसपास पड़े ख़ाली जगह को भी स्मार्ट सिटी के लिए उपयुक्त नहीं समझा और घनी आबादी वाले शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चुना.

तो क्या यह समझा जाए कि राज्य सरकार दरअसल पुराने पटना शहर को ही स्मार्ट सिटी का नाम देकर नई चुनौतियों से बचना चाहती है? क्योंकि अगर किसी ख़ाली जगह पर स्मार्ट शहर को बसाया जाता तो बिहारवासियों को न केवल फौरी रोज़गार मिलता, बल्कि शहर के विस्तार होने से आने वाले समय में भी अन्य नए अवसर पैदा होते.

इसके अलावा नई स्मार्ट सिटी बनाने के बहाने एक ऐसा शहर बसाया जा सकता था जहां पर किसी तरह की प्राकृतिक आपदा से निपटने की पहले से ही तैयारी होती. तो क्या केंद्र सरकार की योजना को राज्य सरकार ने बर्बाद किया?

अगर नहीं तो क्या इसी तरीके से पटना स्मार्ट सिटी बनेगी? सोचिए जब राजधानी की यह हालत है तो बाकी के ज़िलों में ज़िंदगियां कैसे तबाह हो रही होगी?

पटना की मौज़ूदा हालत देखकर सोशल साइट्स पर लोग नीतीश सरकार की खिल्ली उड़ा रहे हैं. नवनीत श्रीवास्तव नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा कि अबकी बार नीतीश सरकार.. फिर से चचा को जिताएंगे, पूरे बिहार को वॉटर पार्क बनाएंगे.

प्रकाश कुमार नाम के एक यूजर ने बाढ़ की तस्वीर डालते हुए लिखा- मंगलवार को मेरी टिकट है दिल्ली टू पटना, पटना का हालत भयावह है क्या यही हमारी बिहार की राजधानी का विकास हुआ है कि कुछ दिनों की बारिश में पूरा पटना नदी के समान रूप ले चुका है हमारे बिहार के बड़े-बड़े नेताओं पर आज तरस आ रही है बड़े-बड़े बोल बोलने वाले नेताजी कहां है आप?

अखिलेश अनमोल नाम के एक यूजर ने लिखा- पटना में मेट्रो चलेगी या नाव?? कोई clear करें।

आरएम झा ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी के अथक प्रयासों से पुरे पटना को वाटर पार्क बनाया गया है बिहारवासी आनन्द ले । और अप्रवासी कुछ दिन तो गुजारो पटना में।

गालिब कलीम ने फोटो डाल कर लिखा क्या यही है स्मार्ट सिटी? सन्यासी रेड ने लिखा कि मैट्रो चालू होगा उससे पहले पटना की सड़कों पर पानी वाला जहाज़ चालू कर दिया गया. स्मार्ट सिटी स्मार्ट पटना.
विद्याकर झा ने लिखा कि वाटर पार्क घूमना है तो आइए पटना! सोमू ने लिखा कि अंडर वाटर मॉल में खरीदारी करे चलबहु कि हो? आज त डिस्कोऊंटो मिल जतई.

विमलेंदु सिंह ने लिखा कि ई डल लेक ऑफ पटना नइखे, इ ह हथुआ मार्किट के रेमंड शो रूम. बिहार द अल्टीमेट लैंड ऑफ बहार!

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