डाकिया डाक ही नहीं, अब GI टैग लगी शाही लीची और आम भी लाएगा आपके घर

उपभोक्ताओं को घर तक लीची (Litchi) मंगाने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन ऑर्डर करना होगा. आर्डर करने के 24 घंटे के अंदर ही आपके घरों तक लीची पहुंचाई जाएगी. होम डिलीवरी (Home Delivery) के बाद उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट (Digital Payment) कर सकेंगे.

लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से मुसीबत में फंसे लीची उत्पादक किसानों को राहत पहुंचाने और आम लोगों को मुजफ्फरपुर की मशहूर रसीली लीची (Litchi) के स्वाद का मजा दिलाने के लिए डाक विभाग (Postal Department) अब उपभोक्ताओं के घर तक डिलीवरी करेगा.

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उद्यान निदेशालय (Directorate of Horticulture) और डाक विभाग की संयुक्त पहल से लोगों के घर-घर तक शाही लीची की खेप पहुंचाने की तैयारी है. कोरोनावायरस (Coronavirus) लॉकडाउन में देश के बड़े शहरों के बाजारों में जाने वाली लीची की नुकसान की भरपाई इस नई योजना से करने की तैयारी है. इस योजना की शुरुआत 25 मई से होगी.

उपभोक्ताओं को करना होगा ऑनलाइन ऑर्डर

उपभोक्ताओं को घर तक लीची मंगाने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन ऑर्डर करना होगा. ऑर्डर करने के 24 घंटे के अंदर ही आपके घरों तक लीची पहुंचाई जाएगी. होम डिलीवरी के बाद उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे. हालांकि, उपभोक्ताओं को कम से कम दो किलो लीची का ऑर्डर देना होगा. यह व्यवस्था मुजफ्फरपुर के अलावा पटना और भागलपुर के शहरी क्षेत्रों में ही होगी.

राज्य बागवानी मिशन पटना और डाकघर का कॉन्ट्रैक्ट

लॉकडाउन के चलते लीची की बिक्री को लेकर उपभोक्ताओं के घर तक होम डिलीवरी सेवा देने के लिए, राज्य बागवानी मिशन पटना ने डाकघर के साथ करार (कॉन्ट्रैक्ट) किया है. यह सेवा 25 मई से शुरू हो जाएगी. फार्मर प्रोड्यूसर नामक कंपनी डाक विभाग के जरिए ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लीची की होम डिलीवरी करेगी.

सहायक उद्यान निदेशक अरुण कुमार (Arun Kumar) ने बताया कि लीची को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक पहल जारी है. 25 मई के बाद बड़े पैमाने पर लीची की तुड़ाई शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन ऑर्डर लिए जाने लगेंगे. उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों में लीची भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है. किसान और कारोबारियों को वाहनों का परमिट जारी किया जा रहा है.

इस वेबसाइट पर करें ऑनलाइन ऑर्डर

उन्होंने कहा कि हमारा मकसद प्रोडक्ट को बाजार उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि http://horticulture.bihar.gov.in/ पर लॉगइन करके लीची मंगाने के लिए ऑनलाइन आर्डर देना होगा. अधिकारियों ने बताया कि 25 मई से 15 जून तक उपभोक्ता ऑनलाइन लीची मंगाने के लिए उद्यान निदेशालय की बेवसाइट पर ऑर्डर कर सकते हैं.

दो दिनों के भीतर बाजार में कीमत के साथ बढ़ी बिक्री

जिले के बाजार में लीची की बिक्री शुरू हो चुकी है. दो दिनों के भीतर बाजार में लीची की बिक्री का दायरा बढ़ा है. वैसे इस बार शुरुआत में ही लीची की कीमत काफी बढ़ी है. पिछले साल 80 से 100 रुपये सैकड़ा की दर से लीची की बिक्री शुरू हुई थी. इस बार शुरुआती कीमत 120 रुपये सैकड़ा की दर से लीची की बिक्री शुरू हो गई है, लेकिन लॉकडाउन जारी रहने की वजह से लीची बागान से बाजार तक नहीं पहुंच पा रही है. बाहर के व्यापारी भी लीची की खरीदारी के लिए बागान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके कारण लीची उत्पादक किसानों को लीची का न तो उचित मूल्य मिल पा रहा है और न ही लीची की सही तरीके से खपत हो रही है.

ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा अलग से चार्ज

लॉकडाउन की वजह से लीची की मंडी भी नहीं लग पा रही है, जहां से उपभोक्ता लीची की खरीदारी कर सकें. लीची उत्पादक किसानों की परेशानी और उपभोक्ताओं के बीच लीची की मांग को देखते हुए डाक विभाग ने एक पहल शुरू की है, जिसके माध्यम से लीची उपभोक्ताओं के घर तक पहुंच सकेगी. डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि निदेशालय द्वारा बागों में ताजा और प्राकृतिक रूप से पके जर्दालु आम (Mango) और शाही लीची की होम डिलीवरी की जाएगी. इसके लिए ग्राहकों से अलग से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा.

GI टैग लगे आम और शाही लीची की होम डिलीवरी

अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिहार के 3 शहरों में आम और लीची की होम डिलीवरी सेवा शुरू की जा रही है. प्रयोग सफल रहा तो अगले मौसम से यह सेवा बिहार के सभी जिलों में शुरू की जाएगी. दोनों फलों को GI टैग (Geographical Indication Tag) प्राप्त हैं. कृषि विभाग बागों में ताजा पकी शाही लीची की होम डिलीवरी कराएगा. इसके लिए ग्राहकों से अलग से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा.

किसानों में जगी अच्छे दिनों के लौटने की उम्मीद

वहीं, उद्यान निदेशालय की पहल पर डाक विभाग के शुरू किए जा रहे इस होम डिलीवरी सेवा से लीची उत्पादक किसान काफी खुश दिख रहे हैं. अब तक लॉकडाउन से बागान में तैयार लीची की बिक्री नहीं होने से हताश और निराश किसान अपनी किस्मत पर रो रहे थे. इस सेवा के शुरू होने से किसानों को उम्मीद है कि अब उनके अच्छे दिन लौट आएंगे.

होगी कोरोना लॉकडाउन से हुई नुकसान की भरपाई

मुरौल फार्मर्स प्रोड्यूसर कम्पनी, मुजफ्फरपुर के सीईओ जयप्रकाश राय (Jayaprakash Rai) ने कहा कि उनकी कम्पनी के साथ 750 किसान जुड़े हैं. शाही लीची के 50 किसान फ्रेश और उत्तम गुणवत्ता वाली शाही लीची की आपूर्ति करेंगे, जिसे पैक कर 24 घण्टों के अंदर लोगों को 10 रुपया मुनाफा लेकर घर-घर डाक विभाग की मदद से पहुंचाया जाएगा. इससे कोरोना लॉकडाउन में बड़े शहरों के बाजार का नुकसान इस नये घरेलू बाजार के जरिये पूरा किया जा सकेगा.

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