हनीट्रैप में फंसा सेना का जवान लीक करता रहा गोपनीय जानकारियां, अब होगी कोर्ट ऑफ इंक्‍वायरी

हनीट्रैप में फंसे जवान का नाम सुरजीत सिंह बताया जा रहा है. उसने फेसबुक पर एक लड़की की प्रोफाइल को बेहद गोपनीय जानकारी भेजी.

भारतीय सेना का एक जवान हनीट्रैप में फंस गया. बिहार-झारखंड सब एरिया हेडक्‍वार्टर में तैनात इस जवान पर ढेर सारी गोपनीय सूचनाएं लीक करने का आरोप है. आरोपी जवान का नाम सुरजीत सिंह बताया जा रहा है. वह पटना के दानापुर कैंट में डिप्‍टी जीओसी का रनर था.

मिली जानाकारी मुताबिक, सुरजीत ने फेसबुक पर एक लड़की की प्रोफाइल को काफी जानकारी भेजी. उस प्रोफाइल के पीछे पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई हैंडलर होने का शक है. हनीट्रैप का पता चलने पर सेना ने सुरजीत के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्‍वायरी बैठा दी है.

पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई रिपोर्ट्स आई हैं जिनसे दुश्‍मन की खुफिया एजेंसियों के इरादे का पता चलता है. कई सैन्‍य कर्मचारी हनीट्रैप में फंसे हैं जिनकी जांच जारी है. सेना में एक सोशल मीडिया पॉलिसी है. इसके तहत किसी को भी अपनी पोस्टिंग या सेना के ऑपरेशंस के बारे में कोई भी जानकारी देने पर रोक है.

हनीट्रैप में फंसाने को ISI चलाती थी कॉल सेंटर

इसी साल सितंबर में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ISI के एक ऐसे कॉल सेंटर का भांडाफोड़ किया था. इस सेंटर का यूज भारतीय सेना व सुरक्षा बलों के जवानों व अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाने के लिए किया जाता था.

इस कॉल सेंटर में काम करने वाली लड़कियों को हिंदी बोलने की ट्रेनिंग दी गई थी. ISI के गुर्गों की मदद से ये लड़कियां पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों व अधिकारियों की तलाश करती थीं और बाद में उनसे संपर्क स्थापित करती थीं.

चैट से शुरूआत करने के बाद ये लड़कियां फेसबुक पर वीडियो कॉल करके उसे रिकॉर्ड कर लेती थीं. उसके बाद ये लड़कियां व्हाट्सएप पर उनसे कुछ ज्यादा ही अंतरंग बातें करने लगती थीं. भारतीय अधिकारियों को लगता था कि वे भारतीय लड़कियों से बात करते हैं और इस तरह वे ISI के कॉल सेंटर के जरिए हनीट्रैप में फंस जाते थे.

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