पटना: अश्विनी चौबे की गाड़ी पर फेंकी गई स्याही, छात्रों ने दिखाए काले झंडे

अश्विनी चौबे पटना विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. छात्र विश्वविद्यालय के गेट पर पहले से ही खड़े थे.

Ashwani Kumar Choubey, पटना: अश्विनी चौबे की गाड़ी पर फेंकी गई स्याही, छात्रों ने दिखाए काले झंडे

बीजेपी नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की गाड़ी पर स्याही फेंकी गई है. साथ ही पटना विश्वविद्यालय के गेट पर छात्रों ने उन्हें काला झंडा दिखाया. छात्र नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

अश्विनी चौबे पटना विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. छात्र विश्वविद्यालय के गेट पर पहले से ही खड़े थे. छात्र सीएए के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. जैसे ही चौबे का काफिल गेट पर आया, छात्रों ने उनकी कार पर स्याही फेंक दी.

दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर विराधियों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, “भगवान राम का प्रमाण मांगने वाले को अब अपना प्रमाण देने में परेशानी हो रही है.”

भाजपा के ‘फायरब्रांड’ नेता माने जाने वाले गिरिराज ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “भगवान राम का प्रमाण मांगने वाले को अब अपना प्रमाण देने में हो रही है परेशानी. एनआरसी को लेकर फैलाया जा रहा है भ्रम. विपक्ष को है रोहिंग्या मुसलमान की नागरिकता की चिंता. भारतवंशियों को एक करने वाले सीएए पर कोई सवाल नहीं.”

बता दें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उद्देश्य उन छह अल्पसंख्यक समुदायों- हिंदुओं, पारसियों, सिखों, बौद्धों, जैनियों और ईसाइयों को नागरिकता प्रदान करना है, जो मुस्लिम बहुल देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का सामना करते हुए 31 दिसंबर, 2014 या उससे पहले भारत आए थे.

यह विवादास्पद कानून नागरिकता अधिनियम-1955 का संशोधित रूप है. यह 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किए जाने के लगभग एक महीने बाद 10 जनवरी को लागू हुआ, जब गृह मंत्रालय ने गजट अधिसूचना के माध्यम से इसकी घोषणा की.

इस कानून का विरोध देशभर के साथ ही असम में भी जोरशोर से हो रहा है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई कि यह पड़ोसी मुस्लिम बहुल बांग्लादेश से हजारों अवैध प्रवासियों को कानूनी निवासियों में बदल देगा.

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