‘नीतीश कुमार का महागठबंधन में स्‍वागत’, जीतनराम मांझी बोले- राबड़ी से भी हो गई बात

पूर्व ब‍िहार सीएम ने कहा, "भाजपा को हटाने के लिए जो भी आए, हम उसको साथ ले लेंगे."
नीतीश कुमार का, ‘नीतीश कुमार का महागठबंधन में स्‍वागत’, जीतनराम मांझी बोले- राबड़ी से भी हो गई बात

पटना: बिहार में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. पूर्व मुख्‍यमंत्री और हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) के अध्‍यक्ष जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार को खुलेआम ऑफर दिया है. नीतीश और मांझी एक दिन पहले इफ्तार पार्टी में मिले थे. टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में मांझी ने कहा कि “अगर वो (नीतीश) नया चैप्‍टर शुरू करना चाहते हैं तो हम महागठबंधन के लोग उनको साथ लेने को तैयार हैं. कल राबड़ी जी ने भी कहा. इससे पहले भी हम लोग इसपर बात करते रहे हैं. भाजपा को हटाने के लिए जो भी हमारे साथ आए, हम उसको साथ ले लेंगे.”

नीतीश से अदावत पर मांझी ने कहा, “राजनीति में कोई सिद्धांत स्‍थायी नहीं रहता. जो राजनीति करता है, उसको देशसेवा, समाजसेवा की इच्‍छा होती है. इसके लिए अगर कहीं कुर्बानी करनी पड़ती है तो कुर्बानी देता है. एक समय था, नीतीश जी बोल चुके थे. हम भी बहुत कुछ बोले.

नीतीश तय करें क्‍या करना है : मांझी

राजद को किनारे कर संभावना बनने की स्थिति से जुड़े सवाल पर मांझी ने टीवी9 भारतवर्ष से कहा, “अकेला चना भाड़ नही फोड़ता है. जब तक हम लोग मिलकर काम नहीं करेंगे तो ये (बीजेपी) इतनी बड़ी शक्ति के रूप में उभर गए हैं. जनता को भ्रम के जाल में फंसा करके, छद्म राष्‍ट्रीयता की बात करके.” उन्‍होंने कहा, “वो (नीतीश) सोचें तब तो. अभी तो वो एनडीए के साथ हैं. जिसको लेकर कहा गया था कि उनका DNA खराब है तो वे सोचें.”

इफ्तार में नीतीश से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जाने पर मांझी ने कहा, “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन्‍ह तैसी. हम लोग ईद, होली के समय राजनीतिक मंशा से बात नहीं करते हैं.” उन्‍होंने कहा, “हर चीज का समय होता है. इफ्तार का राजनीति से कोई मतलब नहीं था.”

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने एक ट्वीट में नीतीश, मांझी की इफ्तार वाली तस्‍वीरें शेयर कर निशाना साधा था. इस पर मांझी ने कहा, “अगर हम आंखों पर हरा चश्‍मा लगा लेंगे तो सब हरा ही दिखाई देगा. सैकड़ों वर्षों से (इफ्तार) चल रहा है. यहां तुष्टिकरण क्‍या है? हिंदुस्‍तान अनेकों संस्‍कृतियों का संगम है. सबका अपना-अपना महत्‍व है. किसी के बारे में उंगली उठाना उनकी कमजोरी दिखाता है.”

ये भी पढ़ें

नीतीश से गठबंधन को RJD तैयार, JD(U) बोली- NDA में सब फर्स्ट क्लास

क्‍या टूट रहा है लालू यादव के जातीय ध्रुवीकरण का तिलिस्‍म?

Related Posts