‘उपद्रव का नंगा नाच होने दिया, ऐसे वाइस चांसलर को नहीं रखना चाहिए’, JNU पर लेफ्ट के साथ JDU

JDU नेता केसी त्‍यागी ने कहा, "जिसके रहते इतना अंसतोष बन गया, विश्वविद्यालय में बाहर से गुंडे आये. उपद्रव का नंगा नाच होने दिया, ऐसे वाइस चांसलर को एक पल भी अपने पद पर नहीं रखना चाहिए."

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई हिंसा को लेकर जनता दल (युनाइटेड) ने लेफ्ट का समर्थन करते हुए कुलपति को हटाने की मांग की है. जेडीयू नेता केसी त्‍यागी ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा कि “जेएनयू के उपकुलपति एक पल भी अपने पद पर रहने का अधिकार नहीं. जिसके रहते इतना अंसतोष बन गया, विश्वविद्यालय में बाहर से गुंडे आये. उपद्रव का नंगा नाच होने दिया, ऐसे वाइस चांसलर को एक पल भी अपने पद पर नहीं रखना चाहिए.”

त्‍यागी ने दिल्‍ली पुलिस की FIR में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष का नाम जोड़ने को ‘गलत’ बताया. उन्‍होंने कहा, “मैं इसका विरोधी हूं.” JDU नेता ने कहा, “इस आरोप-प्रत्‍यारोप की राजनीति की बजाय छात्रों की अशांति को लेकर प्रधानमंत्री को खुद से पहल करना चाहिए. और तमाम छात्र-युवा नेताओं, उपकुलपतियों को बुलाकर उनकी समस्या और परेशानी सुननी चाहिए.”

जदयू नेता ने हिंसा के पीछे किसी राजनीतिक दल का हाथ होने से इनकार किया. उन्‍होंने कहा, “मैं नहीं मानता कि इसके पीछे किसी राजनीतिक दल का हाथ है. आप बुनियादी गलती कर रहे हैं अगर नहीं समझ रहे कि कैंपस में असंतोष है. कोई राजनीतिक दल इतना मजबूत नहीं कि वो सारे देश के कैंपस में इस तरह का विरोध शुरू करवा दे. जिस कांग्रेस का एक एमएलए ना हो, जिस लेफ्ट का एक पार्षद ना हो वो ऐसा करवा सकते क्या?”

उन्‍होंने कहा, “छात्रों के क्या विषय हैं? बेरोजगारी, पाठ्यक्रमों को लेकर, अपने भविष्य को लेकर इसलिए ब्लेम गेम ठीक नहीं है. इनकी बातों को सुनना चाहिए. हम भी छात्र राजनीति से निकले हुए नेता हैं हमें उनका मनोविज्ञान पता है. हां, ये जरूर है कि छात्रों के विरोध में कुछ अवांछनीय तत्व और राजनीतिक लोग विरोध में फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. उसको चेक करना होगा.”

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