तेजस्‍वी को लालू ने दिया झटका! बेटे को चुनाव हरवाने वाले जगदानंद सिंह बने RJD प्रदेश अध्‍यक्ष

तेजस्वी यादव प्रदेश अध्‍यक्ष पद पर रामचंद्र पूर्वे को देखना चाहते थे, लेकिन लालू यादव ने जगदानंद सिंह के नाम पर मुहर लगा दी.
who is jagdanand singh, तेजस्‍वी को लालू ने दिया झटका! बेटे को चुनाव हरवाने वाले जगदानंद सिंह बने RJD प्रदेश अध्‍यक्ष

पटना: लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी जगदानंद सिंह को राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के नए प्रदेश अध्‍यक्ष चुन लिए गए हैं. RJD बार-बार तेजस्‍वी यादव को 2020 के लिए अपना चेहरा बता रही है, लेकिन प्रदेश अध्‍यक्ष पद जगदानंद सिंह की नियुक्ति बताती है कि पार्टी में बड़े फैसले अब भी लालू यादव ही ले रहे हैं.

तेजस्वी यादव प्रदेश अध्‍यक्ष पद पर रामचंद्र पूर्वे को देखना चाहते थे, लेकिन लालू यादव ने जगदानंद सिंह के नाम पर मुहर लगा दी. RJD में हुए इस फेरबदल को तेजस्‍वी यादव और उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

लालू प्रसाद यादव भले ही इस समय जेल में सजा काट रहे हैं, लेकिन पार्टी पर उनकी पकड़ आज भी इतनी मजबूत है कि सोमवार को दोपहर एक बजे जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया और वह कुछ ही देर में निर्विरोध चुन भी लिए गए. जगदानंद सिंह के नामांकन के दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे.

लालू प्रसाद यादव ने आखिर क्‍यों लगाया जगदानंद सिंह पर दांव?

जगदानंद सिंह राजपूत हैं और बक्सर से सांसद भी रहे हैं. इन्‍हें लालू यादव का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. जगदानंद सिंह का अध्‍यक्ष पद पर चुनाव इसलिए बेहद अहम है, क्‍योंकि बिहार में अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने हैं.

लालू यादव ने तीन अहम कारणों से जगदानंद सिंह पर दांव खेला है. पहला- जगदानंद सिंह एकदम स्‍वच्‍छ छवि के नेता हैं और कठिन समय में भी वह विचलित नहीं होते हैं. दूसरा- लालू यादव अपने कोर वोटर- मुस्लिम और यादवों के अलावा अगणे मतदातदाओं को भी पार्टी की ओर खींचना चाहते हैं. तीसरा- जगदानंद सिंह वो नेता हैं, जिन पर लालू यादव आंख मूंदकर भरोसा करते हैं. जगदानंद सिंह ने साल 2010 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे को चुनाव हरवाकर पार्टी के उम्‍मीदवार को जिता दिया था.

जगदानंद सिंह का जन्म 15 जुलाई, 1945 को हुआ था. वह कैमूर जिले के रामगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से आरजेडी के विधायक थे.

बेटे को चुनाव हरवाने का पूरा किस्‍सा ये है

आरजेडी 2010 में जगदानंद सिंह के बेटे को रामगढ़ विधानसभा सीट से उम्‍मीदवार बनाना चाहती थी, लेकिन जगदानंद सिंह ने परिवारवाद को बढ़ावा न देने की बात कहते हुए बेटे को टिकट न देने की बात कही. इसके बाद जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर ने बीजेपी जॉइन कर ली और वह रामगढ़ सीट पर ही चुनावी मैदान में कूद गए. इसके बाद जगदानंद सिंह जी-जान से पार्टी उम्‍मीदवार को जितवाने में लग गए और उन्‍होंने बेटे को ही चुनाव हरवा दिया. उस चुनाव में रामगढ़ विधानसभा सीट आरजेडी के उम्‍मीदवार अंबिका यादव थे और उन्‍हें जीत मिली.

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