मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड: नाबालिग बच्चियों से दरिंदगी के दोषी ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद

शेल्टर होम मामले में दिल्ली की पॉक्सो अदालत ने ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ 20 अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए थे.

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बिहार के मुजफफरपुर शेल्टर होम केस में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. दोषी ब्रजेश ठाकुर को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. शेल्टर होम मामले में दिल्ली की पॉक्सो अदालत ने ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ 20 अलग-अलग धाराओं में आरोप तय किए थे.

ब्रजेश ठाकुर पर लगे थे ये आरोप

ब्रजेश ठाकुर बालिका गृह का मालिक था. वही बालिका गृह का संचालन करता था. एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति का वह कार्यपालक निदेशक पद पर था. इसी एनजीओ के माध्यम से बालिका गृह का संचालन होता था.

उस पर बालिका गृह की लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है. इसमें उसके साथ रवि रोशन और मामू सहित बालिका गृह की अन्य कर्मचारी सहयोगी थे. वह अन्य आरोपियों के साथ मिलकर लड़कियों को गंदे भोजपुरी गानों पर डांस करने को मजबूर करता था. वह लड़कियों को दूसरे के पास भेजता था. विरोध करने वाली लड़कियों की पिटाई भी करता था.

कैसे हुआ था खुलासा?

मामले का खुलासा टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की सोशल ऑडिट रिपोर्ट से हुआ था. इसके बाद बालिका गृह में रह रही लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया . इसमें 34 लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई.

पुलिस की जांच में यह सामने आया था कि शेल्‍टर होम से 6 लड़कियां गायब हुई थी, पुलिस की पूछताछ में पीड़िताओं ने बताया कि साल 2013 से 2018 के बीच ये लड़कियां गायब हुई थी. लेकिन इन लड़कियों के गायब होने का कोई पुलिस रिकॉर्ड नहीं था.

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