Encephalitis: चमकी बुखार से बिहार में हाहाकार, मुख्‍य सचिव की दलील पर मचा विवाद

उत्‍तरी बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 130 से ज्‍यादा मासूमों की मौत हो चुकी है.

मुजफ्फरपुर: बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 144 से ज्‍यादा बच्‍चों की मौत हो चुकी है. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अभी तक 112 बच्चे दम तोड़ चुके हैं. इनमें 93 बच्चों की मौत SKMCH अस्पताल में हुई है.

इस बीच मुख्‍य सचिव दीपक शर्मा ने बेहद शर्मनाक दलील दी. उन्‍होंने कहा है कि बच्‍चों की मौत कोई नई बात नहीं है. उन्‍होंने कहा कि 2012 में सबसे ज्‍यादा मौतें हुई हैं. अभी तो बच्‍चे मरे हैं, उन्‍हें अस्‍पताल लाने में देरी हुई.

टीवी9 भारतवर्ष की मुहिम के बाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया, जहां सैकड़ों लोगों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया. विरोध सरकारी श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) के बाहर हुआ, जहां नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पहुंचे थे. खराब इलाज और सुविधाओं की कमी से नाराज प्रदर्शनकारी ‘मुख्यमंत्री वापस जाओ’ जैसे नारे लगा रहे थे.

नीतीश कुमार के मुजफ्फरपुर दौरे से जुड़े अपडेट्स

  • मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती बच्चों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद वह प्रदर्शनकारियों से बात किए बिना वहां से चले गए. कुल 107 मृतकों में से SKMCHमें 88 और निजी केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हुई है. स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को SKMCH का दौरा किया था.
  • बिहार के मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा कि AES के प्रकोप को लेकर एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. उन्‍होंने बताया कि अब तक करीब 200 बच्‍चों का इलाज कर डिस्‍चार्ज कर दिया गया है.
  • पूर्व सीएम व राजद नेता राबड़ी देवी ने नीतीश पर साधा निशाना. लिखा कि ‘मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम मामले में भी मुख्‍यमंत्री जी चुप थे, हजारों बच्‍चों की चमकी बुखार से मौत पर भी चुप.”

  • केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय में प्रतिदिन इस मामले पर मैं बैठक कर रहा हूं और लगातार डॉक्टरों के सम्पर्क में हूं.
  • 17 जून को बिहार के मंत्री श्‍याम रजक SKMCH के दौरे पर आए थे, जिनका परिजनों ने घेराव कर दिया था. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्ष वर्धन, उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार (16 जून) को यहां का दौरा किया था.
  • हर्षवर्धन ने रविवार को कहा था, “लोगों से मेरी अपील है कि वे अपने बच्चों की देखभाल करें, तेज गर्मी के दौरान चिलचिलाती धूप में उन्हें बाहर न जाने दें. बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और यदि उन्हें एईएस में कोई लक्षण विकसित हों तो उन्हें बिना देर तुरंत अस्पताल लाया जाना चाहिए.”

NHRC का केंद्र, बिहार सरकार को नोटिस

दूसरी तरफ, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस की वजह से बच्चों की मौतों का संज्ञान लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार से विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक नोटिस जारी किया गया है. आयोग ने इसके साथ ही जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस/ एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है.

मुजफ्फरपुर की एक अदालत में सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन व बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ एक मामला दायर किया गया. इन पर बीते पखवाड़े में लापरवाही बरतने की वजह से 82 बच्चों की मौत का आरोप लगाया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सोमवार को मामला दायर किया.

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