मुजफ्फरपुर शेल्टर होम: CBI ने पूरी की जांच, हलफनामे में बिहार सरकार के कई अधिकारियों के नाम दर्ज

सीबीआई ने इस मामले में 25 पूर्व डीएम सहित 70 अधिकारियों के खिलाफ बिहार सरकार को कार्रवाई करने की अनुशंसा की है. सात अन्य आश्रय घरों के लोगों के खिलाफ चार्जशीट नवंबर-दिसंबर 2019 में दायर की गई थी.
muzaffarpur shelter home, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम: CBI ने पूरी की जांच, हलफनामे में बिहार सरकार के कई अधिकारियों के नाम दर्ज

बिहार के विख्यात मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur shelter home) मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. जिसमें बताया गया कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से संबंधित सभी 17 मामलों में जांच पूरी हो चुकी है. इस मामले में सीबीआई ने बिहार सरकार के कई अधिकारियों का नाम हलफनामें शामिल किया है.

1- चिल्ड्रन होम फॉर ब्वायज, गया- 2 जिला मजिस्ट्रेट, 1 सरकारी अधिकारी और 13 चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सदस्य व प्राइवेट व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

2- चिल्ड्रन होम फोर ब्वायज, भागलपुर- 2 जिला मजिस्ट्रेट, 3 सरकारी अधिकारी और 6 प्राइवेट व्यक्ति ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

3- शार्ट स्टे होम, मुंगेर- यहां पर अधिकारियों को इंस्पेक्शन के संबंध में विशेष निर्देश दिए जाने की जरूरत है.

4- चिल्ड्रन होम फॉर ब्वायज, मुंगेर- 1 जिला मजिस्ट्रेट और दो प्राइवेट लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

5- शार्ट स्टे होम, पटना – 1 जिला मजिस्ट्रेट, दो सरकारी अधिकारी और तीन को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

6- कौशल कुटीर, पटना- एक सरकारी अधिकारी.

7- चिल्ड्रन होम फॉर ब्वायज, मोतीहारी- दो जिला मजिस्ट्रेट.

8- शॉर्ट स्टे होम, मोतिहारी- पांच जिला मजिस्ट्रेट, पांच सरकारी अधिकार और एक एनजीओ सखी को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

9- शार्ट स्टे होम, कैमूर- 7 जिला मजिस्ट्रेट, 11 सरकारी अधिकारी और 1 ब्लैकलिस्ट की सिफारिश.

10- शार्ट स्टे होम, मधेपुरा- एक जिला मजिस्ट्रेट और पांच सरकारी अधिकारी.

11- ऑब्जर्वेशन होम, अररिया- एक जिला मजिस्ट्रेट और पांच सरकारी अधिकारी.

वे चार शेल्टर होम, जिनमें सबूत न मिलने पर केस तो दर्ज नहीं किया गया, मगर कार्रवाई की अनुशंसा की सीबीआई ने

1- स्पेशलाइज्ड अडोप्शन एजेंसी, मधुबनी- 2 जिला मजिस्ट्रेट, 5 सरकारी अधिकारी और 5 को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

2- स्पेशलाइज्ड अडोप्शन एजेंसी, पटना- 1 जिला मजिस्ट्रेट, 5 सरकारी अधिकारी और 4 को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

3- स्पेशलाइल्ड अडोप्शन एजेंसी, कैमूर- 3 सरकारी अधिकारी और 13 को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

4- सेवा कुटीर, गया- 4 को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश.

सीबीआई ने इस मामले में 25 पूर्व डीएम सहित 70 अधिकारियों के खिलाफ बिहार सरकार को कार्रवाई करने की अनुशंसा की है. सात अन्य आश्रय घरों के लोगों के खिलाफ चार्जशीट नवंबर-दिसंबर 2019 में दायर की गई थी. हलफनामे में कहा गया है कि CBI ने बिहार सरकार से अनुरोध किया है कि उन एनजीओ के पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए जिनका नाम सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में लिया है.

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