मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम में 11 लड़कियों की हत्‍या हुई, सीबीआई का दावा- ‘कब्रिस्‍तान से मिलीं हड्ड‍ियां’

पिछले साल जून में मुजफ्फरपुर के एक बालिका गृह में बच्चियों से यौन शोषण, रेप का मामला सामने आया था.

नई दिल्‍ली: बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम मामले में सीबीआई ने सनसनीखेज खुलासा किया है. सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर सीबीआई ने कहा कि मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ने 11 लड़कियों की हत्‍या कर लाशें दफना दीं. पुलिस को एक कब्रिस्‍तान में खुदाई के दौरान ‘हड्डियों का ढेर’ मिला है. हलफनामे में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान इन 11 लड़कियों का नाम सामने आया. यह सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की सातवीं स्‍टेटस रिपोर्ट है. बालिका गृह के रजिस्‍टर से पता चला कि कुल 35 लड़कियां ऐसी थीं जिनके नाम एक जैसे या मिलते-जुलते थे. वो सच में थीं भी या नहीं, इसके लिए सीबीआई ‘फील्‍ड लेवल वेरिफिकेशन’ कर रही है.

पिछले साल सिकंदरपुर के एक श्मशान घाट की खुदाई के बाद सीबीआई को एक नरकंकाल मिला था. बरामद किया है। इस नरकंकाल को फोरेंसिकजांच के लिए भेज दिया गया है। बालिका गृह में रह रही लड़कियों में से एक बच्ची ने आरोप लगाया था कि वहां के कर्मचारियों द्वारा उनके साथ रह रही एक लड़की की हत्या कर उसे बालिका गृह के परिसर में ही दफना दिया गया था. इस आरोप के बाद पुलिस ने परिसर में भी खुदाई कराई थी लेकिन कोई ऐसी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी.

सामने आया मामला तो गर्माई बिहार की राजनीति

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा किए गए सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर स्थित बालिका आवास गृह में लड़कियों के यौन शोषण का मामला जून 2018 में सामने आया था. यहां की लड़कियों की चिकित्सकीय जांच के बाद 34 लड़कियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. इस मामले के प्रकाश में आने के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया था. इस मामले में राज्य के सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा भी देना पड़ा है. आरोप है कि मंत्री रही वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का ब्रजेश के साथ घनिष्ठ संबंध है.

मामले में 11 लोगों के खिलाफ 31 मई 2018 को प्राथमिकी दर्ज की गई, जिनमें ठाकुर भी शामिल हैं. विपक्षियों के दबाव के बाद 26 जुलाई, 2018 को राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया था.

इस मामले में बिहार की नीतीश सरकार लगातार विरोधियों के निशाने पर रही है. 30 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश मुजफ्फरपुर में रैली कर रहे थे, तो पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने दोनों को ‘दुष्‍कर्मियों का संरक्षक’ बता दिया था.

राबड़ी देवी ने ट्विटर पर लिखा था, “मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड सबको याद होगा, जहां सत्ता संरक्षण में 34 नादान बच्चियों के साथ जनबलात्कार किया गया. दुष्कर्मी, नीतीश और मोदी के मंत्री और नेता थे. लेकिन एक साल से मोदी ने इस घिनौने और जघन्य कांड पर एक बार भी मुंह खोल निंदा नहीं करी.”

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