NCRB की रिपोर्ट ने खोली बिहार में नीतीश सरकार की पोल, हत्या और दहेज के मामले बढ़े

साल 2018 की NCRB की रिपोर्ट में चौकाने वाली बात ये है कि सभी 19 मेट्रोपोलिटन (Metropolitan) शहरों में सबसे ज्यादा हत्या वाला शहर पटना है.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट से बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कानून के राज और दहेज प्रथा के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान दोनों की पोल खुल गई है. पटना को अपराध की राजधानी बताने वाले इस रिपोर्ट ने विपक्ष को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया है.

हत्या के मामलों में बिहार की राजधानी पटना पहले पायदान पर है. साल 2018 की NCRB की रिपोर्ट में चौकाने वाली बात ये है कि सभी 19 मेट्रोपोलिटन (Metropolitan) शहरों में सबसे ज्यादा हत्या वाला शहर पटना है. पटना के प्रति एक लाख व्यक्ति में 4.4 लोगों की हत्या हो रही है.

रिपोर्ट के अनुसार बिहार में साल 2017 के मुकाबले साल 2018 में अधिक अपराध हुआ है. सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने इसे जागरुकता बढ़ने की वजह से ज्यादा FIR दर्ज होने से बढ़ा हुआ आंकड़ा बताया है.

इतना ही नही दहेज मामलों के अपराध में भी बिहार सबसे ऊपर दिख रहा है. जबकि नीतीश कुमार कानून का राज और सुशासन का नारा देते हैं. बीते कुछ वर्षों से वह समाज सुधारक की भूमिका में भी दिख रहे हैं. वह दहेज प्रथा के खिलाफ लगातार पूरे राज्य में मुहिम चला रहें हैं. NCRB की रिपोर्ट में विपक्ष को नीतीश के सुशासन के खिलाफ एक मुद्दा दे दिया है. आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी इसके बाद नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उसके पहले प्रदेश में अपराध के बढ़ते आंकड़ों के सामने आने से सरकार को बचाव के लिए दलील की तलाश करनी होगी. वहीं विपक्ष सुशासन के मसले पर फिर से उन्हें घेरने लगा है.

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