Migrant Workers की सोशल सिक्योरिटी पर नीतीश गंभीर, चाहते हैं राज्यों के बीच समझौता

38 जिलों से करीब साढे आठ लाख प्रवासी मजदूर (Migrant Laborers) वापस बिहार लौटे हैं, जिन्हें राज्य के अलग-अलग 11,218 क्वारंटीन सेंटर्स में रखा गया है.
Bihar Migrant workers, Migrant Workers की सोशल सिक्योरिटी पर नीतीश गंभीर, चाहते हैं राज्यों के बीच समझौता

बिहार के प्रवासी मजदूरों (Bihar Migrant Laborers) में अपने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के प्रति काफी नाराजगी है. हालांकि नीतीश कुमार अब इस नाराजगी को किसी तरह दूर करने में लगे हुए हैं. समय निकालकर नीतीश कुमार क्वारंटीन सेंटर्स (Quarantine Centres) में मौजद मजदूरों से गुफ्तगू करते हैं, ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके. इस बीच राज्य सरकार एक ड्राफ्ट भी तैयार कर रही है.

इस ड्राफ्ट के जरिए बिहार सरकार दूसरे राज्यों से सुनिश्चित कराना चाहती है कि अगर मजदूर वापस दूसरे राज्यों का रुख करतें हैं तो कंपनी मालिकों को उन्हें सोशल सिक्योरिटी इंश्योरेंस देना होगा.

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ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि मई के आखिर तक 30 लाख माइग्रेंट वर्कर्स के वापस बिहार लौटने की संभावना है. रिपोर्ट के अनुसार, ड्राफ्ट तैयार करने वाले अधिकारी ने बताया कि कई राज्य के मुख्य सचिव हमारे संपर्क में हैं, जिनका कहना है कि अगर उन्हें लेबर वापस नहीं मिलती है तो वे उद्योग को पटरी पर नहीं ला सकते.

अधिकारी का कहना है कि बिहार अपने प्रवासियों के सम्मान के लिए इसे औपचारिक रूप देना चाहता है, जिन्होंने बड़े शहरों के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह ड्राफ्ट बीमा, आवास और सामाजिक सुरक्षा के अन्य पहलुओं के रूप में प्रवासियों के हितों की रक्षा करेगा.

प्रवासियों से मांगा फोन नंबर और आधार कार्ड डिटेल

रिपोर्ट के अनुसार, क्वारंटीन सेंटर्स में मजदूरों का स्किल मैपिंग शुरू हो गई है, जिसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उनके पास अपने प्रवासियों का एक डेटाबेस तैयार रहे. इससे पहले यह काम पहले कभी नहीं किया गया. प्रवासियों से अपने फोन नंबर और आधार कार्ड डिटेल सब्मिट करने को कहा गया है.

38 जिलों से करीब साढे आठ लाख प्रवासी मजदूर वापस बिहार लौटे हैं, जिन्हें राज्य के अलग-अलग 11,218 क्वारंटीन सेंटर्स में रखा गया है. राज्य सरकार के सामने एक सबसे बड़ी चिंता का विषय यह भी है कि चार में एक मजदूर कोरोना से संक्रमित पाया जा रहा है. बिहार सरकार का डेटा दर्शाता है कि महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली से लौटे कई मजदूर कोरोनावायरस पॉजिटिव मिले हैं.

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