बिहार में वापस लौटने वालों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी सरकार, 15 जून से बंद हो जाएंगे सेंटर्स

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (Deputy CM Sushil Kumar Modi) का कहना है कि विदेशी जानकारों का मानना है होम क्वारंटीन (Home Quarantine) ही बेस्ट क्वारंटीन है.
no more quarantine facility for bihar returnee, बिहार में वापस लौटने वालों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी सरकार, 15 जून से बंद हो जाएंगे सेंटर्स

बिहार सरकार (Bihar Government) ने फैसला लिया है कि अब जो भी प्रवासी (Migrant) वापस आएगा उसे क्वारंटीन (Quarantine) के लिए रजिस्टर नहीं किया जाएगा. राज्य के 5 हजार क्वारंटीन सेंटर्स में सोमवार तक करीब 13 लाख वापस बिहार लौटे लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया है. 15 जून से ये क्वारंटीन सेंटर (Quarantine Center) बंद हो जाए, जब रजिस्टर किए गए माइग्रेंट्स का आखिरी बैच 14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर लेंगे. रेलवे स्टेशन्स पर थर्मल स्क्रीनिंग को भी बंद करने की तैयारी है.

बिहार सरकार ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब वापस राज्य लौट रहे कई लोग कोरोनावायरस पॉजिटिव मिले हैं. राज्य में कोरोनावायरस के 3,872 केस दर्ज हैं, जिनमें से 2,743 माइग्रेंट्स हैं, जो कि 3 मई के बाद दूसरे राज्यों से वापस बिहार आए हैं.

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महाराष्ट्र से आए माइग्रेंट्स में से 677 कोरोनावायरस पॉजिटिव हैं. वहीं दिल्ली से 628, गुजरात से 405 और हरियाणा से आए 237 माइग्रेंट्स कोरोनावायरस पॉजिटिव मिले हैं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और अन्य राज्यों से आए कई माइग्रेंट भी संक्रमित पाए गए हैं.

होम क्वारंटीन ही बेस्ट क्वारंटीन

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का कहना है कि विदेशी जानकारों का मानना है होम क्वारंटीन ही बेस्ट क्वारंटीन है. फिर भी, हमने माइग्रेंट्स को सभी प्रकार की सुविधाएं देते हुए ट्रेन चलाईं, ट्रेन और बस का किराया नहीं लिया गया और 1,000 रुपये की आवश्यक चीजें उन्हें मुहैया कराई गईं.

बिहार आपदा प्रबंधन प्रशासन के प्रधान सचिव का कहना है कि हमने 30 लाख से अधिक प्रवासियों को वापस लाकर सबसे बड़ी निकासी की कवायद की है. सोमवार शाम से रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए हैं. डोर-टू-डोर हेल्थ मॉनिटरिंग जारी रहेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेवल I और लेवल II अस्पतालों तक मेडिकल फैसिलिटी पहले जैसी ही रहेगी.

क्वारंटीन सेंटर्स बंद करने को लेकर अब बिहार सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव चंदन यादवा का कहना है कि ऐसे समय में जब संक्रमण बढ़ रहा है, डेंजर जोन राज्यों से आने वाले लोगों के लिए इन क्वारंटीन सेंटर्स को चलाने की आवश्यकता थी. जो लोग वापस आ रहे हैं वो आबादी के साथ घुलमिल जाएंगे, जिसके कारण संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा.

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