बूढ़े मां-बाप का ध्‍यान नहीं रखा तो जाना पड़ेगा जेल, नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई.

पटना: बिहार में अब अपने बूढ़े माता-पिता की सेवा नहीं करने पर जेल भी जानी पड़ सकती है. बिहार मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में रहने वाली संतानें अगर अब अपने माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है.

माता-पिता की शिकायत मिलते ही बिहार सरकार द्वारा उनके बच्चों पर कार्रवाई की जाएगी. सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई.

बैठक की अगुवाई के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक परिवेश में अपने बच्चों का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता को कानूनी संरक्षण देना सरकार की जिम्मेदारी है. यह फैसला उस सर्वे के सामने आने के बाद लिया गया, जिसमें यह बात सामने आई थी कि संतान होने के बावजूद बूढ़े माता-पिता की हालत बहुत ही खराब है.

वहीं बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए एक राज्य सरकार के अधिकारी ने बताया कि जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी घटनाओं में शहीद बिहार के जवानों के आश्रितों को बिहार सरकार ने नौकरी देने का भी फैसला किया है.

बैठक में राज्य के वृद्घजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम 2011 के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. अब किसी भी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के अंदर करना होगा. इसके अलावा भागलपुर में गंगा नदी पर एक नया पुल बनाने का निर्णय लिया गया है.

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