वीडियो: बिहार के सहरसा में भीड़ का तांडव, पुलिस वालों पर बरसाए लाठी-डंडे

भीड़तंत्र के आगे एक बार फिर नीतीश सरकार सारा पुलिसिया सिस्टम बौना साबित हुआ है.

बिहार के सहरसा में अपराधियों का तांडव जारी है. पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. यही कारण है कि सहरसा में हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिहार के सहरसा में हत्या के विरोध में सड़क जामकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई.

आक्रोशित भीड़ ने बिहार पुलिस पर हमला बोलते हुए दौड़ा-दौड़ाकर उसकी पिटाई कर दी. तस्वीरों में जो दो पुलिस वाले नजर आ रहे हैं उनमें से एक नाम गिरीदेव है और दूसरे का नाम सतेंदर कुमार है. ये दोनों बिहरा थाना में ASI के पद पर कार्यरत हैं.

साफ तौर पर तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आक्रोशित भीड़ के आगे दोनों पुलिस वाले किस तरह से बेबस हैं और अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं. आक्रोशित भीड़ ने एक बार फिर कानून को अपने हाथ में लिया और कानून के रखवालों यानी पुलिसवालों की बीच सड़क पर जमकर धुनाई कर दी.

भीड़तंत्र के आगे एक बार फिर नीतीश सरकार सारा पुलिसिया सिस्टम बौना साबित हुआ है. यह पूरी घटना उस वक्त घटी जब बीती रात बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने नरसिंग झा नामक शख्स को गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

बिहरा थाना क्षेत्र के पुरीख चौक के समीप बीती रात की घटना है. मृतक बीकाजी भुजिया का कारोबारी था. मृतक की पहचान सुपौल जिले के किशनपुर निवासी नरसिंह झा के रूप में की गई है.

गुस्साए परिजन सहित ग्रामीणों ने बिहरा थाना अध्यक्ष रणवीर कुमार पर अपराधियों से सांठगांठ कर हत्या की घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है. इन्होंने बिहरा थाना से उनकी तबादले की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर आगजनी कर सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग के आजाद चौक के समीप सड़क जाम कर दिया.

ये लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करने कर रहे थे. तीन घंटे से जाम में लोग परेशान थे, वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं. इससे सहरसा-सुपौल मार्ग पर तीन घंटे तक परिचालन बाधित रहा. इसके बावजूद कोई भी पुलिस प्राशासन या अन्य अधिकारी जाम स्थल पर नहीं पहुंचे और न ही जाम हटाने की जहमत उठाई.

प्रशासन की तरफ से बरती जा रही लापरवाही के कारण प्रदर्शनकारियों का धीरे-धीरे आक्रोश बढ़ता चला गया. तीन घंटे के बाद विलंब से पहुंचे सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी और एसडीओ शम्भूनाथ झा प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहे थे.

इसी दौरान आजाद चौक के समीप आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर हमला बोलते हुए दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई शुरू कर दी. हालांकि, मौके पर पहुंचे सदर एसडीओ और एसडीपीओ के आश्वासन पर छः घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाम समाप्त करा दिया है.

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