Bihar: महागठबंधन में दरार, अब खाने की टेबल पर रूठी पार्टियों को मनाने का दौर शुरू

महागठबंधन (Grand Alliance) के नेता सभी मुद्दों पर 15 दिनों के अंदर स्थिति साफ होने की बात कर रहे हैं. कांग्रेस (Congress) सूत्रों का कहना है कि पार्टी छोटे दलों को ज्यादा महत्व देने के मूड में नहीं है, क्योंकि छोटे दल एक-दो से ज्यादा सीट जीतने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं.
bihar assembly election 2020, Bihar: महागठबंधन में दरार, अब खाने की टेबल पर रूठी पार्टियों को मनाने का दौर शुरू

बिहार (Bihar) में महागठबंधन में शामिल दलों में अब मान-मनौव्‍वल का दौर शुरू हो गया है. महागठबंधन (Grand Alliance) में शामिल दल अब भोजन के टेबल और चाय पर चर्चा कर रूठे दलों को मनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. हालांकि अब तक बात बनती नहीं दिख रही है.

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कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह सभी ने बुधवार रात पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचकर रात्रि भोजन (Dinner) की टेबल पर राजनीति की बातें की, तो गुरुवार दोपहर में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और दोपहर भोज (Lunch) का आनंद लिया.

मांझी दे रहे महागठबंधन छोड़ने की धमकी

इसके बाद गुरुवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के आवास पहुंचे और वहां चाय पर चर्चा हुई. हालांकि इन मुलाकातों को लेकर किसी भी नेता ने अपना मुंह नहीं खोला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस (Congress) मुकेश सहनी को ज्यादा महत्व देने के मूड में नहीं है.

इधर, मांझी भी अब तक समन्वय समिति (Coordination Committee) की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. मांझी लगातार महागठबंधन में समन्वय बनाने को लेकर समिति की मांग करते हुए महागठबंधन छोड़ने तक की धमकी दे रहे हैं.

कांग्रेस और RJD छोटी पार्टियों को नहीं दे रहे महत्व

हालांकि महागठबंधन के नेता सभी मुद्दों पर 15 दिनों के अंदर स्थिति साफ होने की बात कर रहे हैं. कांग्रेस (Congress) सूत्रों का कहना है कि पार्टी छोटे दलों को ज्यादा महत्व देने के मूड में नहीं है, क्योंकि छोटे दल एक-दो से ज्यादा सीट जीतने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं. यही हाल RJD नेतृत्व का भी है. RJD और कांग्रेस की सोच के कारण छोटे दल असमंजस की स्थिति में पहुंच गए हैं.

भेदभाव को लेकर छोटी पार्टियों में नाराजगी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार (Narendra Kumar) कहते हैं कि कांग्रेस सभी सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है. उन्होंने दबी जुबान से सहयोगी दलों में कुछ नाराजगी की बात स्वीकार की, लेकिन साथ में उन्होंने यह भी कहा है कि सबकुछ एक पखवाड़े के अंदर साफ हो जाएगा. उन्होंने दावे के साथ कहा कि महागठबंधन में कहीं कोई भेद नहीं है.

RJD ने सांप्रदायिक शक्तियों को दूर करने की कही बात

RJD की विधायक और प्रवक्ता एज्या यादव (Aijya Yadav) भी कहती हैं कि RJD सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से हटाने के लिए मुहिम शुरू कर चुकी है. उन्होंने कहा कि “महागठबंधन के सहयोगी दल एक दूसरे से विचार-विमर्श कर रहे हैं. इसमें कहीं भी कोई अलग नहीं है. RJD सांप्रदायिक शक्तियों (Communal Powers) को सत्ता से दूर करने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है.”

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