पोस्टमार्टम के लिए रेफर करने पर पुलिसवालों ने डॉक्टर को पीटा, VIDEO VIRAL

पुलिसवालों की एक साथी पुलिसकर्मी स्नेहा ने दो दिनों पहले पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में फांसी लगा ली थी. दो दिनों तक किसी को इसकी खबर नहीं लगी. जब शव से बदबू आने लगी तो मामले का खुलासा हुआ.
सीवान पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए रेफर करने पर पुलिसवालों ने डॉक्टर को पीटा, VIDEO VIRAL

पटना: बिहार के सीवान जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक पुलिसवाला डॉक्टर को मारता हुआ नजर आ रहा है. दरअसल, शनिवार रात करीब दस बजे मुफस्सिल थाने की पुलिस महिला सिपाही स्नेहा की लाश को लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए सदर अस्पताल पहुंची. लेकिन मेडिकल बोर्ड के निर्णय के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉ. आलोक कुमार सिंह ने शव का पोस्टमार्टम करने के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया जिससे वहां मौजूद पुलिसकिर्मयों के साथ पुलिस पदाधिकारी गुस्से में आ गये.

सीवान SP नवीन चंद्र झा ने दी जानकारी
सीवान SP नवीन चंद्र झा ने दी जानकारी दी है कि सीवान सदर अस्पताल में डॉक्टर की पिटाई करने वाला पुलिसकर्मी राकेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है. सीवान में बीती रात पुलिसवालों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. पुलिसवालों ने अस्पताल के भीतर ऑन ड्यूटी डॉक्टर के साथ मारपीट की. पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि तकरीबन शाम के सात बजे एक महिला कांस्टेबल की बॉडी पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल आई थी. बॉडी को देख डॉक्टर ने निर्णय लिया कि यहां पर पोस्टमार्टम नहीं हो सकता. रात के कुछ पुलिसकर्मी आए और कथित रूप से डॉक्टर के साथ हाथापाई की.

महिला कांस्टेबल ने की थी आत्महत्या
दरसअल, पुलिसवालों की एक साथी पुलिसकर्मी स्नेहा ने दो दिनों पहले पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में फांसी लगा ली थी. दो दिनों तक किसी को इसकी खबर नहीं लगी. जब शव से बदबू आने लगी तो मामले का खुलासा हुआ. जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. शव की स्थिति देख डॉक्टर ने पीएमसीएच में रेफर कर दिया. जिस पर नाराज होकर इन पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर से हाथापाई की.

डॉ आलोक ने पोस्टमार्टम को लेकर किया रेफर
पीड़ित डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया, ” कल बीती शाम किसी महिला की बॉडी पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल आई थी. पता चला कि बॉडी किसी महिला सिपाही की है. बॉडी अस्पताल में तकरीबन शाम के सात बजे आई थी और रात तकरीबन 10 बजे पोस्टमार्टम के लिए बॉडी को भेजा गया. बॉडी के देखते हुए मैंने उपाध्यक्ष से बोर्ड बनाने की बात कही. बोर्ड में तीन लोग का गठन किया गया. उसमें मैं भी शामिल था.”

बॉडी की हालत खराब
डॉक्टर ने आगे बताया, “हम तीनों डॉक्टरों ने बॉडी को देखा. बॉडी की हालत बहुत खराब थी. बॉडी की हालत देखते हुए बोर्ड ने निश्चय किया कि इसका पोस्टमार्टम पीएमसीएच कराया जाए. इसके बाद सिविल सर्जन ने खुद पुलिस अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी. इसके बाद मैं करीब डेढ़ बजे आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी पर था. वहीं पर चार से पांच पुलिसवाले आए और मेरे साथ हाथापाई की.”

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