TV9 भारतवर्ष ने दिया ट्रैफिक नियम का हवाला तो भागता नजर आया ये वर्दीवाला

सरकार लोगों की सुरक्षा को देखते हुए क़ानून बदल रही है. लेकिन अगर पुलिस वाले ही असुरक्षित रहेंगे तो क़ानून बनाने का मक़सद पूरा नहीं हो पाएगा.

पटना: ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने में बदलाव को लेकर लोगों में दहशत है लेकिन लगता है प्रशासन को इससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता. बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला. जब TV9 भारतवर्ष के संवाददाता रुपेश कुमार सड़कों पर निकले तो पुलिसकर्मी कैमरे से दूर भागते नज़र आए. आमतौर पर आपने बिना हेलमेट वाले बाईकसवार को ट्रैफिक पुलिस को देखकर ऐसे भागते हुए देखा होगा.

TV9 भारतवर्ष के संवाददाता हालांकि मौक़े से हटे नहीं. उन्होंने स्कूटी पर सवार दो पुलिसकर्मियों से बात करने की कोशिश की. गाड़ी चलाने वाले पुलिसकर्मी जिनका नाम सुनील कुमार द्विवेदी है, उनसे बार-बार बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने इस दौरान कोई बात नहीं की. हां बातचीत का यह असर ज़रूर हुआ कि उन्होंने फौरन हेलमेट निकालकर पहन लिया. वहीं स्कूटी पर बैठे दूसरे पुलिसकर्मी वहां से भाग कर डिवाइडर पर खड़े हो गए.

TV9 भारतवर्ष संवाददाता रुपेश कुमार उनसे बात करने डिवाइडर पर पहुंच गए लेकिन वो वहां से भाग कर स्कूटर पर पहुंच गए. TV9 भारतवर्ष संवादादाता ने उनका पीछा किया और फिर से स्कूटर के पास पहुंच गए. रुपेश इस दौरान उनसे पूछते रहे कि आप क़ानून की हिफ़ाजत करने वाले हैं, आप कैसे क़ानून तोड़ सकते हैं लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. सवाल यह उठता है कि जब आपके पास हेलमेट हैं तो पहन क्यों नहीं रहे? क्या यह पावर की हेकड़ी है.

एक बात साफ है कि सरकार लोगों की सुरक्षा को देखते हुए क़ानून बदल रही है. लेकिन अगर पुलिस वाले ही असुरक्षित रहेंगे तो क़ानून बनाने का मक़सद पूरा नहीं हो पाएगा.

दूसरी बात यह भी है कि पुलिसवालों पर समाज में क़ानून-व्यवस्था कायम रखने की ज़िम्मेदारी है लेकिन अगर वो ख़ुद ही इसका माखौल उड़ाएंगे तो फिर आम लोगों के बीच अच्छा संदेश नहीं जाएगा.