विधायक पद से इस्तीफा देते हुए गमगीन हुए गामी, पीएम मोदी- सीएम नीतीश के DNA पर दिया बयान

दरभंगा में अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए दरभंगा के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरनाथ गामी ने विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा की.

पटना: अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे जेडीयू विधायक अमरनाथ गामी ने विधान सभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ने की भी बता कही. उन्होंने मोदी और नीतीश में अपनी आस्था जताते हुए कहा जो उनका डीएनए हैं वही डीएनए हमारा है.

दरभंगा में अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए दरभंगा के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरनाथ गामी ने विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा की. हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ने की बात से इनकार किया.

डीएनए पर दिया बयान
पीएम मोदी और नीतीश में अपनी आस्था जताते हुए अमरनाथ गामी ने कहा, ‘जो उनका डीएनए हैं वही डीएनए हमारे अंदर हैं. वह भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करते हम भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करते हैं यही वजह है कि उन्होंने अपमान की घूंट पीने से इस्तीफा देना ही अच्छा समझा. हालांकि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर यह आरोप भी लगाया की पार्टी ऊपर तो गठबंधन कर लेती है लेकिन नीचे अस्तर के हम जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं में समन्वय स्थापित नहीं करा पाती. इस कारण पार्टी को नुकसान भी होता है.’

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छलका दर्द और वफादारी
उनका कहना है कि लगातार बुरे चुनाव में अपमानित महसूस होने के बावजूद भी 29 तारीख के चुनाव तक अपने आप को रोके रखा. जैसे ही चुनाव समाप्त हुआ उन्होंने अपनी बात मीडिया के सामने भी रख दी. मीडिया से बात करते हुए गाने यह भी कहा कि वह अभी किसी दूसरी पार्टी में जाने कि नहीं सोच रहे हैं.

पार्टी पर लगाया आरोप
अमरनाथ गामी ने भावुक होते हुए अपनी सहयोगी पार्टी पर यह भी आरोप लगाया कि हमें जानबूझकर हमारे ही विधानसभा क्षेत्र में अपमानित किया गया. मेरा उपयोग भी नहीं किया गया दूसरी तरफ शहर में घर होने के कारण शहरी क्षेत्र पर भी उनकी पकड़ अच्छी थी लेकिन शहर में भी मुझे प्रवेश निषेध कर दिया गया. इस अपमान को वो बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने अपना अंतिम निर्णय लिया.

नहीं ली गई विधायक की मदद
अमरनाथ गामी भले ही दरभंगा जिला के हायाघाट से विधायक हो, लेकिन वह क्षेत्र समस्तीपुर लोकसभा में पड़ता है. समस्तीपुर के प्रत्याशी रामचंद्र पासवान अपने हिसाब से वहां चुनाव लड़ रहे थे और अमरनाथ गामी से किसी प्रकार की चुनावी मदद नहीं ली.

शिलापट से भी नाम गायब
यहां तक की चुनाव से पहले हुए विकास के कुछ कार्यों में जो शिलापट लगवाया गया उससे भी उनका नाम हटा दिया गया. इन शिलापट पर हारे हुए लोजपा प्रत्याशी का नाम लगा दिया गया. अमरनाथ गामी इसे भी अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं.