आखिर क्यों तेज प्रताप ने तेजस्‍वी को बता दिया दुर्योधन और विरोधियों को दे डाली खुली चुनौती?

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने दिनकर की पंक्तियों में अपने गुस्‍से का इजहार किया है.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप और छोटे बेटे तेजस्वी यादव के बीच पिछले कई महीनों से चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. अपने ही परिवार से बगावत पर उतारू तेज प्रताप यादव ने नाम लिए बिना तेजस्‍वी को दुर्योधन करार देते हुए दिनकर की पंक्तियों में कहा, ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है…’ दूसरी ओर वे यह भी कहते हैं कि जो उनके और परिवार के बीच में आएगा, उसका सर्वनाश निश्चित है. तेज प्रताप ने ट्विटर पर ये पंक्तियां शेयर की.

तेज प्रताप यादव ने अपने ट्विटर पर एक और फोटो शेयर करते हुए लिखा कि जो भी मेरे और मेरे परिवार के बीच आएगा उसका सर्वनाश निश्चित है.

‘मैं कहां बागी हूं, बागी तो सिनेमा है’

खुद के बागी होने के सवाल पर तेज प्रताप ने कहा, ‘बागी हम कहां हैं, बागी तो सिनेमा है. बागी वाली कोई मेरी भूमिका नहीं है. मेरी कृष्‍ण वाली भूमिका है, कृष्‍ण ने अर्जुन को प्रमोट किया था और हम भी अर्जुन को प्रमोट किए हैं.’

विवाद से तेज प्रताप का रिश्ता पुराना

नवंबर महीने में अपनी पत्नी के साथ मनमुटाव को लेकर तेजप्रताप दिवाली और छठ जैसे पर्व में भी अपने परिवार से दूर रह रहे थे. विधानसभा सत्र में भी शामिल नहीं हुए. इससे पहले 11 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड पर लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा करने को लेकर हुई बैठक में तेज प्रताप ने शिरकत नहीं की थी जिसके बाद ये अटकलें तेज हो गई थीं कि उनके और तेजस्वी के बीच कुछ खटपट चल रही है.

इस बैठक में राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे मगर घर पर मौजूद होते हुए भी तेजप्रताप ने खुद को इस बैठक से दूर रखा. मीसा भारती ने भी माना कि दोनों भाइयों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. मनेर में आयोजित लिट्टी-चोखा पार्टी के दौरान मीसा भारती ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि थोड़ा बहुत मनमुटाव कहां नहीं होता है. हाथ की पांच अंगुली भी बराबर नहीं होती.’हालांकि तेज प्रताप यादव ने कहा कि दोनों भाईयों में किसी तरह का मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरा केवल एक ही लक्ष्य है 2019 का चुनाव जिसके लिए अब ‘जेपी आंदोलन’ के तर्ज पर ‘एलपी मूवमेंट’ करेंगे.

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