तेज प्रताप का तेजस्वी पर हमला, हार की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए, जिन्होंने टिकट बांटे

बिहार की कुल 40 सीटों में से एनडीए गठबंधन ने 39 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया.

पटना: लोकसभा में विपक्ष को मिली हार के बाद हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. कांग्रेस में इस्तीफों की बाढ़ है तो कई सियासी दलों के नेता अपनी पार्टी का दामन छोड़ भाजपा के पाले में जा रहे हैं. बिहार में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी यादव को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने नाराजगी व्यक्त की है.

तेजप्रताव यादव ने लिखा है, “हार की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए, जिन्होंने टिकट बांटें. मैंने हमेशा पार्टी के अंदर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों लोगों एवं परिवार को तोड़ने वालों के विरुद्ध आवाज उठाई. शुरू से ही योग्य ईमानदार युवा कर्मठ स्थानीय स्थानीय स्वच्छ छवि पार्टी के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने की मांग की. मैंने केवल 2 सीट शिवहर और जहानाबाद मांगी थी क्योंकि वहां की जनता की मांग स्थानीय उम्मीदवार की थी. मैंने बार-बार आपके इर्द-गिर्द के लोगों को से सावधान रहने को कहा था. हार की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए जिन्होंने टिकट बांटे एवं जो उम्मीदवार लड़े मैंने जो भी मांग की एवं पार्टी हित में सलाह दी मेरी एक भी ना सुनी गई.”

तेज प्रताप यादव, तेज प्रताप का तेजस्वी पर हमला, हार की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए, जिन्होंने टिकट बांटे

उन्होंने आगे लिखा, “मैं आज भी आपके नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए मजबूती के साथ एकजुट होकर चुनाव लड़ने की बात कह रहा हूं. आपको (तेजस्वी ) ही प्रतिपक्ष का नेता बने रहना है एवं जो आप के इस्तीफे की बात कर रहे हैं उनका मैं पुरजोर विरोध करता हूं. सभी उम्मीदवार एक दूसरे पर दोषारोपण ना करते हुए ईमानदारी पूर्वक अपने हार की समीक्षा करें. मैं ईवीएम भगाओ देश बचाओ के लिए आंदोलन करने जा रहा हूं. आपसे आग्रह है कि पार्टी की एकता बनाए रखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में स्वच्छ एवं योग्य उम्मीदवार को ही टिकट दे.”

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में बीजेपी को बंपर जीत मिली है. बिहार की कुल 40 सीटों में से एनडीए गठबंधन ने 39 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं, महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया और कांग्रेस सिर्फ 1 सीट अपने नाम कर सकी. बिहार में बीजेपी ने जेडीयू, एलजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा तो आरजेडी कांग्रेस, आरएलएसपी और वीआईपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा.