वशिष्ठ नारायण सिंह तीसरी बार बने बिहार JDU अध्‍यक्ष, मीटिंग के बाद नीतीश कुमार ने निकाली भड़ास

वशिष्ठ नारायण सिंह साल 2010 में पहली बार इस पद के लिए चुने गए थे. वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीकी माने जाते हैं.

जनता दल (यूनाइटेड) की बिहार इकाई वशिष्ठ नारायण सिंह के मातहत काम करती रहेगी. जदयू राज्‍य परिषद की बैठक में उन्‍हें तीसरी बार कमान सौंपी गई. इस बैठक में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के उन नेताओं पर जमकर बरसे जो उनकी आलोचना करते हैं. नीतीश ने कहा कि ‘मेरे खिलाफ बोलने वाले बोलते रहें, मुझे परवाह नहीं.’

नीतीश ने कहा, ”लोकसभा चुनाव में भी लोगों को बहुत मुगालता था, लेकिन वोट देने वालों ने भरोसा जताया.” सीएम ने कहा कि आपस में टकराव पैदा करने की कोशिश हो रही है. उन्‍होंने दावा किया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में 200 से ज्‍यादा सीटों पर जीत दर्ज करेंगे.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने गुरुवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर्चा भरा था. सिंह साल 2010 में पहली बार इस पद के लिए चुने गए थे. सिंह पार्टी के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नजदीकी माने जाते हैं.

फिर से अध्यक्ष चुने जाने के बाद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में जो वर्षों पूर्व पौधा लगाया था, उसने अब वृक्ष का रूप ले लिया है. उन्होंने कहा कि बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ चला है, परंतु अभी भी बहुत कुछ करना शेष है. सिंह ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि पार्टी को वर्तमान स्थिति से मजबूत करें.

बिहार में विधानसभा चुनाव होने में एक वर्ष का समय अभी बाकी है. भाजपा नेता और परिषद सदस्‍य संजय पासवान ने कुछ दिन पहले नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा था कि उन्हें अब मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर केंद्र की राजनीति करनी चाहिए. इसके बाद, उप-मुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी को ट्वीट करना पड़ा था कि ‘नीतीश कुमार बिहार राजग के कप्‍तान हैं.’

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