इफ्तार के बहाने बन रहे हैं बिहार में राजनीति के नए समीकरण

भले ही जीतमराम मांझी इन कयासों को सिरे से नकार रहे हों लेकिन इस तरह इफ्तार पार्टी में शामिल होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है.

पटना: आज जेडीयू की इफ्तार पार्टी में पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सबको चौंका दिया. जदयू ने आज हज भवन में इफ्तार पार्टी रखी थी. जहां जीतन राम मांझी पहुचें. तीन दिन पहले मुख्यमंत्री की इफ्तार में कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में एक विधायक पहुंच गए. जबकि उसी दिन महागठबंधन की बैठक में कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा.

रमजान के पाक महीने के आखिरी रोजे चल रहे हैं. इसी को लेकर बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल युनाइटेड (जदयू) ने इफ्तार पार्टी रखी. राबड़ी देवी ने अपने आवास पर इफ्तार पार्टी दी जिसमें बेटे तेजप्रताप यादव भी मौजूद रहे.

जदयू की इफ्तार पार्टी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी शामिल हुए. वहीं केंद्रीय मंत्री और लोजपा नेता रामविलास पासवान और जमुई से सांसद चिराग पासवान भी मौजूद रहे.  नीतीश कुमार और भाजपा के रिश्तों में मंत्रिमंडल को लेकर खटास की चर्चा का बाजार गर्म है. ऐसे में नीतीश कुमार की कांग्रेस और मांझी से बढ़ती नजदीकियां राजनीति में एक अलग समीकरण का संकेत दी रही है.

इफ्तार पार्टी में पहुंचे जीतनराम मांझी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने सारे कयास को विराम लगा दिया. मांझी ने कहा कि रमजान का पाक महीना चल रहा है. हम यहां मिलने आए हैं. रमजान पर प्यार की बातें होती है, राजनीति की नहीं.

भले ही जीतमराम मांझी इन कयासों को सिरे से नकार रहे हों लेकिन इस तरह इफ्तार पार्टी में शामिल होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है. मोदी सरकार-2 में बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीयू को कोई मंत्री पद नहीं मिला है. उसके बाद से ही मीडिया में ये खबरें आ रही थी नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों में अनबन चल रही है. ऐसे में जीतनराम मांझी का जेडीयू की इफ्तार पार्टी में शामिल होना कई सवाल खड़े कर रहना है.