टैक्सपेयर्स की होगी बल्ले-बल्ले! 10% स्लैब की सीमा सीधे 10 लाख आय तक

इनकम टैक्स एक्ट की कायापलट के सुझाव के लिए गठित अखिलेश रंजन टास्क फोर्स ने भी टैक्स स्लैब में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है. इसने अगस्त में सरकार को नए डायरेक्ट टैक्स कोड पर अपनी रिपोर्ट पेश की.

जब पिछली बार कॉर्पोरेट टैक्स रेट 25 प्रतिशत तक घटाए गए थे तब उसे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए दीवाली से पहले की दीवाली करार दिया गया था. अब टैक्सपेयर्स कयास लगा रहे हैं कि उन्हें एक बार फिर से सरकार ऐसा ही कोई तोहफा दे सकती है. नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अरविंद पनगड़िया के मुताबिक ऐसा संभावनाएं हैं कि पर्सनल इनकम टैक्स को रिफॉर्म किया जा सकता है.

इनकम टैक्स एक्ट की कायापलट के सुझाव के लिए गठित अखिलेश रंजन टास्क फोर्स ने भी टैक्स स्लैब में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है. इसने अगस्त में सरकार को नए डायरेक्ट टैक्स कोड पर अपनी रिपोर्ट पेश की. हालांकि, रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टास्क फोर्स ने सामान्य टैक्सपेयर्स के लिए मूल छूट स्तर को 2.5 लाख रुपए पर बनाए रखा है. वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) के लिए मूल छूट 3 लाख रुपए और बहुत वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक) के लिए 5 लाख रुपए है. सबसे बड़ा बदलाव इनकम स्लैब्स के विस्तार के तौर पर होगा. 10% वाले टैक्स स्लैब की सीमा सीधे 10 लाख तक बढ़ा दी गई है, जिससे टैक्सपेयर्स के एक बड़े हिस्से को सीधे राहत पहुंचेगी.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के मुताबिक 2017-18 के लिए रिटर्न दाखिल करने वाले 5.52 करोड़ व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स में से 27 प्रतिशत से ज्यादा की आय 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए के बीच थी. अगर टास्क फोर्स की यह सिफारिशें लागू हो जाती हैं तो 1.47 करोड़ टैक्सपेयर्स 20% की स्लैब से 10 प्रतिशत की स्लैब में चले जाएंगे.

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