लूटघर : बिल्डर की ठगी के बाद टूटा घर का सपना फिर भी EMI भरने को मजबूर

नोएडा (Noida) के होम बायर्स ने गाजियाबाद (Gaziabad) के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अपना फ्लैट बुक किया था. 8 साल बाद भी उनके घर का सपना अधूरा है.

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‘लूटघर’ (Lootghar) में आज हम आपको गाजियाबाद के दो बिल्डरों की लूट की कहानी बताएंगे. कैसे इन दो बिल्डर के जाल में फंसे होम बायर्स (Home Buyers) पिछले 8 साल से परेशान हैं. इनमें से एक बिल्डर तो इस आरोप में जेल तक जा चुका है लेकिन कोर्ट को फ्लैट बनवाने का भरोसा देकर जेल से निकला बिल्डर इसके बाद अंडरग्राउंड हो गया.

ये कहानी है पीड़ित होम बायर नोएडा के हरि प्रकाश और संदीप वर्मा की. दोनों ने 2012 में गाजियाबाद के दो अलग-अलग प्रोजेक्ट में अपना आशियाना बुक किया. हरि प्रकाश ने जयपुरिया बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड से 28 लाख रुपए का फ्लैट खरीदा और संदीप वर्मा ने केडीपी एमजीआई घरौंदा में 20 लाख रुपए का मकान बुक किया. आरोप है कि 8 साल बाद दोनों को कुछ मिला है तो बस पछतावा. इनका कहना है कि घर मिलने की तो दूर-दूर तो कोई उम्मीद नजर नहीं आती.

नहीं मिला घर फिर भी दे रहे EMI

हरिप्रकाश के मुताबिक बिल्डर ने उन्हें 2012 में ही फ्लैट हैंडओवर करने का वादा किया. कागज पर ये भरोसा मिला कि प्रोजेक्ट में देरी हुई तो 5 रुपए प्रति स्कवॉयर फ़ीट के हिसाब से हर्जाना भी मिलेगा. घर के 28 लाख के बाद पार्किंग और जेनरेटर मेंटेनेंस के नाम पर 3 लाख रुपए और वसूल लिए. आशियाना मिलने की आस थी तो इन्होंने अपनी जेब से मनमाफिक फर्श भी तैयार कर लिया लेकिन तब क्या मालूम था कि ये सपना तो अधूरा रह जाएगा. हरिप्रकाश बताते हैं कि फ्लोर में 1.75 लाख रुपए लगा दिए लेकिन बिल्डिंग की हालत ऐसी है लगता है गिर जाएगी.

आरोप है कि लोगों को झांसा देने के आरोप में बिल्डर जेल तक जा चुका है फिर प्रोजेक्ट पूरा करने का भरोसा देकर वो जेल से बाहर तो निकला और गायब हो गया. हालात ऐसे हैं कि बिना बिल्डिंग बने GDA ने हरिप्रकाश के मकान की रजिस्ट्री कर दी. बिल्डर ने नो ड्यूज सर्टिफिकेट दे दिया लेकिन घर की चाबी नहीं दी. इंसाफ की उम्मीद में हरिप्रकाश ने एनसीएलटी, ईओडब्लू, रेरा और पुलिस हर जगह चक्कर काटा लेकिन नतीजा सिफर रहा. हरिप्रकाश बताते हैं कि जो मकान के तैयार होने की कोई सूरत नहीं नजर आती उसकी ईएमआई भरते जा रहे हैं.

टीवी9 भारतवर्ष की टीम ने जब इस बारे में प्रोजेक्ट मैनेजर से बात की तो उसने पुलिसिया कार्रवाई करने की धमकी दी और कहा होम बायर्स की इतनी परवाह है तो कोर्ट में जाइए.

चक्कर काटने को मजबूर

दूसरी ओर संदीप वर्मा ने केडीपी एमजीआई घरौंदा में मकान बुक किया था. आरोप है कि प्रोजेक्ट के चार टावर के सारे फ्लैट बिक चुके हैं. बिल्डर को 95 फीसदी तक रकम मिल चुकी है लेकिन सौ से ज्यादा लोगों को मकान नहीं मिला, FIR कर ली, अथॉरिटी के चक्कर काट लिए, कन्ज्यूमर कोर्ट में मामला चल रहा है लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ. संदीप का आरोप है कि जीडीए और दूसरे दफ्तरों से साठगांठ से बिल्डर का हौसला बढ़ा है.

अगर आप भी किसी बिल्डर की जालसाजी का शिकार हुए हैं या फिर आप भी सालों से अपने सपनों के घर को पाने का इंतजार कर रहे है या आपके पास किसी तरह का कोई सुझाव है तो आप हमें lootghar@tv9.com पर ईमेल कर सकते हैं.

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