BSNL करेगा 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की छंटनी, 13 ठेके पर काम करने वाले कर चुके हैं आत्महत्या

BSNL की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कंपनी में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरनी बंद नहीं हो रही।

  • TV9.com
  • Publish Date - 1:52 pm, Sat, 5 September 20

सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपनी सभी इकाइयों से 20,000 श्रमिकों की छंटनी करने जा रहा है. ये सभी कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले है। दरअसल कंपनी कॉन्ट्रैक्ट के कामों के  खर्चों में कटौती करना चाह रही है।  इससे ठेकेदारों के जरिये कंपनी के लिए काम कर रहे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे. बीएसएनएल की कर्मचारी यूनियन ने यह दावा किया. यूनियन ने यह भी दावा किया है कि कंपनी के 30,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को पहले ही बाहर किया जा चुका है. साथ ही ऐसे श्रमिकों का पिछले एक साल से अधिक का भुगतान नहीं किया गया है.

कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पी के पुरवार को लिखी चिट्ठी में यूनियन ने कहा है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति और खराब हुई है. वहीं कंपनी ने अलग अलग शहरों में मैनपावर की कमी की है. जिसकी वजह से नेटवर्क में खराबी की मुश्किल बढ़ी है.

13 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स कर चुके हैं आत्महत्या

कंपनी के यूनियन के मुताबिक वीआरएस के बाद भी बीएसएनएल अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है. यूनियन का कहना है कि बीते 14 महीने से पैसे नहीं मिलने की वजह से 13 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स आत्महत्या कर चुके हैं.

30,000 ठेका श्रमिकों को पहले ही बाहर कर चुकी है कंपनी

भारत संचार निगम लिमिटेड पहले ही 30,000 ठेका श्रमिकों बाहर निकाल चुका है अब करीब 20,000 और ठेका श्रमिकों को बाहर करने की तैयारी चल रही है. इसके अलावा ठेकेदारों के जरिये कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स से काम लेने में भी कटौती करने को कहा था. आदेश में कहा गया था कि चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक चाहते हैं कि बीएसएनएल का प्रत्येक सर्किल ठेका श्रमिकों से काम नहीं लेने के बारे में तत्काल एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार करे.