इकोनॉमी को पटरी पर लाने में यूएस, जापान से भी आगे चीन, भारत की अर्थव्यवस्था को किसानों का सहारा

भारत समेत पूरी दुनिया पर कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन का कहर देखा गया. लिहाजा पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर इसका असर देखा गया. जून तिमाही के जीडीपी आकड़ों से साफ देखा जा सकता है कि कैसे पूरी दुनिया की इकोनॉमी कोरोना की चपेट में आ गयी.

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  • Publish Date - 3:58 pm, Tue, 1 September 20

जिस तरह किसी छात्र का प्रदर्शन उसके मार्क्सशीट से पता चलता है, ठीक उसी तरह किसी देश की इकोनॉमी की ग्रोथ उसके जीडीपी आकड़ों से पता चलती है. जून तिमाही में भारत,अमेरिका, जापान समेत तमाम बड़े देशों की जीडीपी निगेटिव में जा चुकी है. लेकिन चीन एक ऐसा इकलौता देश बन कर उभरा है जिसने कोरोना को भी सबसे पहले मात दी और इकोनॉमी को भी पटरी पर लाने में अव्वल रहा.

ड्रैगन एक ऐसा छात्र बनकर उभरा जो पूरी क्लास में अकेले पास होने वाला रहा. हालांकि भारत की जीडीपी में ग्रोथ गिरावट दर्ज की गई लेकिन भारत के कृषि सेक्टर ने डूबते में तिनके का सहारा वाला काम किया है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाला तिमाही राहत देने वाली होगी, क्योंकि अनलॉक के बाद आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका रिजल्ट अगले तिमाही के नतीजों में देखा जा सकेगा.

जून तिमाही में बड़े देशो की जीडीपी ग्रोथ

देश ग्रोथ (प्रतिशत)
भारत -23.9
यूके -20.4
मलेशिया -17.1
यूरो जोन -15
अमेरिका -9.1
रूस -8.5
इंडोनेशिया -5.3
साउथ कोरिया -2.9
ब्राजील 0.3
चीन 3.2

(स्रोत: ब्लूमबर्ग)

भारत समेत पूरी दुनिया पर कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन का कहर देखा गया. लिहाजा पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर इसका असर देखा गया. जून तिमाही के जीडीपी आकड़ों से साफ देखा जा सकता है कि कैसे पूरी दुनिया की इकोनॉमी कोरोना की चपेट में आ गयी. लेकिन चीन इकलौता ऐसा देश बना जिसने कोरोना के साथ-साथ अपनी अर्थव्यवस्था को भी उबार लिया.

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत की हालत दुनिया के बाकी देशों से ज्यादा खराब दिख रही है. लेकिन कृषि एक ऐसा सेक्टर है जिसने इस मुसीबत की घड़ी में रामबाण का काम किया है. जून तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को ध्यान से देखेंगे तो पता चलेगा कि कैसे देश के किसान और कृषि सेक्टर नें कोरोनाकाल में भारत की गिरती अर्थव्यवस्था के बीच उम्मीद की एक किरण बन कर आई है.

लॉकडाउन ने बिगाड़ा खेल

सेक्टर गिरावट (प्रतिशत)
एग्रीकल्चर 3.4
कंस्ट्रक्शन -50.3
होटल और ट्रांसपोर्ट -47
मैन्युफैक्चरिंग -39.3
माइनिंग -23.3
वित्तीय सेवा और रियल एस्टेट -5.3

(अप्रैल-जून तिमाही की ग्रोथ)

भारत की जीडीपी में जो रिकॉर्ड गिरावट रही वो अप्रैल-जून तिमाही की है. अप्रैल और मई के महीने में पूरा देश बंद रहने के कारण ऐसी गिरावट देखने को मिली है. जून के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से कई सेक्टर्स में काम काज शुरू हुआ. इसलिए उम्मीद की जा रही है अगली तिमाही के आंकड़े राहत देने वाले हो सकते हैं.