नए FDI नियमों का असर- Indian Firms में होने वाली चीनी फंडिंग में आई गिरावट

चीनी इंवेस्टर्स (Chinese Investors) ने इस साल जनवरी से जुलाई के बीच में भारतीय स्टार्टअप्स में 166 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. पिछले साल इसी अवधि में यह राशि 197 मिलियन डॉलर थी.

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भारतीय स्टार्टअप्स (Indian Startups) में होने वाले चीनी निवेश (Chinese Investments) में इस साल कमी आई है. इस कमी के लिए फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) के नियमों में हुए बदलाव को जिम्मेदार माना जा रहा है. FDI के नए नियमों में भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों के लिए इंवेस्टमेंट करने से पहले सरकार से मंजूरी लेने को जरूरी कर दिया गया है.

पिछले साल कुल 641 मिलियन डॉलर का निवेश

चीनी इंवेस्टर्स ने इस साल जनवरी से जुलाई के बीच में भारतीय स्टार्टअप्स में 166 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. पिछले साल इसी अवधि में यह राशि 197 मिलियन डॉलर थी. चीनी इंवेस्टर्स ने पिछले साल देश में कुल 641 मिलियन डॉलर का निवेश किया था. डील्स एनालिसिस फर्म ‘वेंचर इंटेलिजेंस’ ने ये आंकड़े जारी किए हैं.

भारत सरकार ने इसी साल अप्रैल महीने में पड़ोसी देशों की ओर से होने वाले निवेश के नियमों को कठोर कर दिया. ये बदलाव खासतौर से चीन से होने वाले निवेश पर प्रतिबंध लगाने के मकसद से किए गए.

एक बड़े चीनी इंवेस्टर के इंवेस्टमेंट हेड ने बताया कि वो भारत में अब निवेश नहीं करेगा, जब तक कि नियमों में और अधिक स्पष्टता नहीं आ जाती.

‘जल्द से जल्द बंद करना चाहते डील्स’

3one4 Capital के फाउंडिंग पार्टनर सिद्धार्थ पाई ने बताया, “ऐसे चीनी इंवेस्टर्स जो कंपनियों में कंज्यूमर इंटरनेट स्पेस और डीप टेक के कुछ एलिमेंट्स चाहते थे, वो अब जल्द से जल्द अपनी डील्स बंद करना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा कि प्रेस नोट 3 की घोषणा होने के बाद से इसमें काफी बदलाव आया. अनिश्चितता की स्थिति खड़ी हो जाने से कई सारी डील्स को पीछे ढ़केल दिया गया.

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