कोरोना ने 3.7 करोड़ लोगों को भुखमरी के कगार पर पहुंचाया, रिपोर्ट मे किया दावा

इस रिपोर्ट में अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) के हवाले से कहा गया है कि कोरोना महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था ( World Economy ) में साल 21021 में 12,000 अरब डॉलर या इससे ज्यादा की कमी रहेगी.

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कोरोना महामारी ( Covid 19 Pandemic ) ने  3.7 करोड़ लोगों को गरीबी के मुंह में धकेल दिया है या यूं कहें कि भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है. यह दावा किया गया है बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउडेंशन की ओर से जारी किए गए एक रिपोर्ट गोल्पकीपर्स में. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी का प्रसार चाहे कितना भी हो या न हो लेकिन ये तय है कि इससे आर्थिक रुप से भयंकर तबाही मचाई है. बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ये रिपोर्ट  मुख्य रूप से गरीबी को दूर करने और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र के विकास लक्ष्यों का विश्लेषण करती है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में 12000 अरब डॉलर की कमी

इस रिपोर्ट में अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष के हवाले से कहा गया है कि कोरोना महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में साल 21021 में 12,000 अरब डॉलर या इससे ज्यादा की कमी रहेगी. ये कमी तब रहेगी जबकि दुनिया भर में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए 18,000 अरब डॉलर पहले की खर्च किए जा चुके हैं.

20 करोड़ भारतीय महिलाओं को मिला सहारा

एक ओर इस रिपोर्ट में जहां पूरी दुनिया के बारे में निगेटिव संभावना जताई गई है. वहीं भारत की तारीफ की गई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौर में 20 करोड़ भारतीय महिलाओं को नकदी ट्रांसफर किया गया. इस मदद ने लोगों को इस महामारी से लड़ने में मदद मिली. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में डिजिटल आधार वित्तीय प्रणाली ने कोरोना से लड़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. भारत ने कोरोना काल में डिजिटल को बढ़ावा दिया जो अपने आप में सराहनीय है क्योंकि इससे लोगों को बहुत फायदा पहुंचा है. सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहन पैकेज का भुगतान डिजिटल होना इसका एक बड़ा उदाहरण बना.

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