त्योहारों के चलते अक्टूबर में बढ़ी डीजल की बिक्री, अनलॉक से हुआ फायदा

देशभर में कोरोनावायरस महामारी के चलते जब लॉकडाउन का ऐलान किया गया, उस दौरान तेल बेचने वाली कंपनियों द्वारा ईंधन की ब्रिकी में करीब-करीब 60 फीसदी तक की गिरावट देखी गई थी.

त्योहारों के मौसम ने अपनी दस्तक दे दी है, ऐसे में लोगों की तैयारियां भी जोर-शोर पर हैं और इसका सीधा प्रभाव डीजल की खपत पर देखने को मिल रहा है. अक्टूबर के पहले 15 दिनों में डीजल की खपत में व्यापक रूप से नौ प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है और ऐसा लॉकडाउन के बाद पहली बार होता दिख रहा है. लॉकडाउन के बाद देश में अनलॉक की प्रक्रिया क्रमबद्ध तरीके से शुरू हो रही है. ऐसे में खरीदारी करने के लिए लोग परिवहन के साधनों का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे डीजल की खपत बढ़ रही है और प्रभाव कीमत पर पड़ रहा है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े में 26.5 मिलियन टन के स्तर तक पहुंचने के साथ ही डीजल की बिक्री में नौ फीसदी तक का इजाफा हुआ है. सितंबर के महीने से इसमें करीब-करीब 25 फीसदी तक का इजाफा है और यह वृद्धि अपने आप में ही महत्वपूर्ण है.

ये भी पढ़ें- 15 दिन बाद बदल जाएंगे LPG सिलेंडर होम डिलीवरी के नियम, जानें यहां सबकुछ

अप्रैल के महीने में जब देशभर में कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप के चलते लॉकडाउन का ऐलान किया गया, उस दौरान तेल बेचने वाली कंपनियों द्वारा ईंधन की ब्रिकी में करीब-करीब 60 फीसदी तक की गिरावट देखी गई. जून में अनलॉक की प्रक्रिया जैसे-जैसे शुरू हुई, वैसे-वैसे इनमें भी वृद्धि देखी गई.

अक्टूबर के महीने में पहले के 15 दिनों के दौरान पेट्रोल की ब्रिकी में भी बढ़ोतरी देखी गई लेकिन दस लाख टन की खपत से इसमें करीब 1.5 फीसदी तक की कमी देखी गई.

ये भी पढ़ें- सरकार ने कामगारों को दिया बड़ा तोहफा, अगले साल तक मिलेगा बेरोजगारी का फायदा

ऐसे चेक करें तेल के दाम

आप एसएमएस के जरिए पेट्रोल-डीजल की कीमत का पता लगा सकते हैं. पेट्रोल डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट हो जाती हैं. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक आपको RSP के साथ अपने शहर का कोड टाइप कर 9224992249 नंबर पर SMS भेजना होगा. हर शहर का कोड अलग होता है. ये आप आईओसीएल की वेबसाइट से देख सकते हैं. वहीं बीपीसीएल कस्टमर RSP लिखकर 9223112222 और एचपीसीएल कस्टमर HPPrice लिखकर 9222201122 मैसेज भेजकर अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत जान सकते हैं.

ये भी पढ़ें- न्यूज एग्रीगेटर्स, वेबसाइट्स और ऐप पर भी लागू होगा 26% FDI का नियम, सरकार ने दी जानकारी

Related Posts