लूटघर : एक ही फ्लैट बिल्डर ने दो लोगों को बेचा, टूटा 450 लोगों के घर का सपना

लखनऊ (Lucknow) में एक बिल्डर की ठगी का शिकार 450 लोगों के घर का सपना 2015 से अधूरा है. बिल्डर (Builder) पर फ्लैट की डबल सेलिंग का भी आरोप है.

प्रतीकात्मक फोटो

अपनी ‘लूटघर’ (Lootghar) सीरीज में हम ऐसे होम बायर्स की कहानी बताते हैं जिन्होंने अपने आशियाने के सपने को पूरा करने के लिए जीवनभर की पूंजी बिल्डर (builder) को सौंप दी. कुछ धोखेबाज बिल्डरों ने ऐसे भोलेभाले होम बायर्स को ठगा और उन्हें लूटकर फरार हो गए. होम बायर्स (Home Buyers) के घर का सपना अभी भी अधूरा है.

आज हम आपको लखनऊ के दो हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का हाल बताएंगे. आरोप है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बिल्डर सरेआम फ्लैट की डबल सेलिंग कर रहा है और दूसरा बिल्डर बायर्स को पेनाल्टी का डर दिखाकर लोगों को आधे-अधूरे प्रोजेक्ट का पजेशन लेने के लिए मजबूर कर रहा है.

450 लोग कर रहे घर का इंतजार

पूरा मामला लखनऊ के पार्थ आद्यान्त प्रोजेक्ट का है. आरोप है कि साल 2013 में बिल्डर ने यूपी की राजधानी में दुनिया भर की सुख सुविधाओं से लैस फ्लैट का सपना दिखाया. ब्रोशर में गगनचुंबी 24 मंजिली इमारत की तस्वीर दिखाई. आखिर लोगों ने यकीन कर लिया और अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगा दी. नतीजा ये हुआ कि फ़्लैट तो मिला नहीं कर्ज़दार अलग से हो गए. मजबूरी में जो लोग यहां रहने आ गए वो खुद को जान का खतरा बता रहे हैं.

बायर्स का आरोप है कि पार्थ आद्यान्त में करीब छह सौ फ्लैट की बुकिंग इस नियम और शर्त के साथ की गई कि 30 महीने में आवंटियों को मकान हैंडओवर कर दिया जाएगा लेकिन आज भी करीब 450 लोगों को उनका आशियाना नहीं मिला है क्योंकि प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है. बायर्स का आरोप है कि बिल्डर ने पेनाल्टी का दबाव बनाया तो करीब 150 लोग यहां रहने आ गए लेकिन तब उन्हें क्या मालूम था कि बिल्डिंग में बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी.

मेहमानों को बुलाने में आती है शर्म

होम बायर यू के बनर्जी साल 2008 में रिटायर हुए तो एक फ्लैट के लिए जमा पूंजी और पीपीएफ की रकम लगाने के बाद भी बेटे को लोन लेना पड़ा. आज अधूरी बिल्डिंग में रहने को मजबूर हैं. आरोप है कि बिल्डर ने सारे नियम कानून ताक पर रखकर पार्क की जमीन पर भी इमारत खड़ी कर दी.

इसी तरह फ्रीलांसर राजेश रंजन जमशेदपुर से यहां आकर पछता रहे हैं क्योंकि मेहमानों को अपनी सोसायटी में बुलाने में शर्म आती है. होम बायर्स का आरोप है कि बिल्डर की शिकायत लेकर पुलिस, प्रशासन, रेरा और लखनऊ विकास प्राधिकरण हर जगह फरियाद लगाई लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ.

बिल्डर ने की फ्लैट की डबल सेलिंग

दूसरा मामला लखनऊ के ही तुलसियानी गोल्फ व्यू प्रोजेक्ट का है. शहर के गॉल्फ़ सिटी इलाके में इस प्रोजेक्ट में कुल छह टावर में तीन सौ फ़्लैट बनने थे. साल 2010 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था और 36 महीने में फ़्लैट मिलने का वादा किया गया. आरोप है कि 10 साल बाद ज्यादातर लोगों को मकान का कब्ज़ा नहीं मिला. सिर्फ तीन टावर बन पाए हैं. ना सीवर की व्यवस्था हुई, ना बिजली का टेम्परेरी कनेक्शन मिला और ना ही पार्किंग का इंतजाम हुआ.

कुछ बायर्स के आरोप से तो हैरान करने वाली बात सामने आई. बिल्डर ने इस प्रोजेक्ट में कई फ्लैट की डबल सेलिंग कर दी. लोगों ने शिकायत की तो रेरा ने बायर्स के पक्ष में फैसला भी सुनाया लेकिन बिल्डर इस कदर निडर हैं कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.

वाराणसी के लल्ला राम मौर्या के मुताबिक उन्होंने 5 फ्लैट के लिए 5 करोड रुपए एडवांस दिए. जब पजेशन की बात आई तो पता चला कि फ्लैट दूसरे को बेचा जा चुका है. लिहाज़ा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बिजनेसमैन सरवर हैदर ने भी साल 2012 में एक फ्लैट बुक कराया. करीब 63 लाख बैंक से लोन भी लिए. फिर पता चला कि बिल्डर ने उनका फ़्लैट किसी और को बेच दिया है. अब वो रेरा से लेकर पुलिस तक के चक्कर लगा रहे हैं. परिवार की आर्थिक हालात टूट चुकी है.

तुलसियानी गोल्फ व्यू के होम बायर्स का आरोप है कि बिल्डर उन पर रजिस्ट्री के लिए दबाव बना रहा है. साथ में तीन-तीन साल की मेटनेंस फीस भी मांग रहा है जबकि करीब दो सौ लोगों की तो रजिस्ट्री भी नहीं हो पाई है.

दिल्ली-NCR में भी होम बायर्स परेशान

रांची से संजय कुमार मिश्रा की शिकायत है कि ग्रेटर नोएडा के MASCOT HOMES प्रोजेक्ट में जो फ्लैट उन्हें 2016 में देने का वादा किया गया था वो आज तक पूरा नहीं हुआ है जबकि 38 लाख के फ्लैट के लिए वो 96 फीसदी से ज्यादा रकम बिल्डर को दे चुके हैं. संजय के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में 650 घर बनाए जा रहे हैं. बिल्डर ने सभी बायर्स को धोखा दिया है.

दिल्ली से अनिल भटनागर की शिकायत है कि उन्होंने फरीदाबाद की Triveni Infrastructure के सिग्नेचर प्रोजेक्ट में 2006 में मकान बुक किया था. 2012 में घर मिलने का भरोसा मिला लेकिन उससे पहले ही उन्हें बिल्डर मित्तल ब्रदर्स की असलियत मालूम हो गई कि उनपर धोखाधड़ी के केस दर्ज हो गए हैं. अनिल भटनागर ने EOW से उनकी शिकायत की. आज रिटायरमेंट के बाद वो किराए के घर में रहने को मजबूर हैं.

अगर आप भी किसी बिल्डर की जालसाजी का शिकार हुए हैं या फिर आप भी सालों से अपने सपनों के घर को पाने का इंतजार कर रहे है या आपके पास किसी तरह का कोई सुझाव है तो आप हमें lootghar@tv9.com पर ईमेल कर सकते हैं. अगर कोई बिल्डर भी अपना पक्ष रखना चाहता है तो वो भी दिए गए मेल पर अपनी बात लिख सकता है.

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