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लूटघर: मकान की 95 फीसदी रकम बिल्डर को देकर 8 साल से होम बायर कर रहे घर का इंतजार

गाजियाबाद (Ghaziabad) के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट (Housing Project) में मोटी रकम लगा चुके होम बायर्स (Home Buyers) को 8 सालों से घर का इंतजार है. बिल्डर ने जिन्हें घर हैंडओवर किया भी है वो बेसिक सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:04 pm, Mon, 28 September 20
प्रतीकात्मक फोटो

‘लूटघर’ (Lootghar) सीरीज में आज हम गाजियाबाद (Ghaziabad) के K M Residency प्रोजेक्ट की हैरान करने वाली कहानी बताएंगे. आरोप है कि पिछले 8 साल से एक बिल्डर (Builder) झूठ का जाल बिछाकर लोगों को झांसा देता जा रहा है. ना तो उसे कानून की परवाह है ना ही कोर्ट का कोई डर.

टीवी 9 भारतवर्ष की टीम जब प्रोजेक्ट साइट पर पहुंची तो बिल्डर के एक अधिकारी ने होम बायर को जल्द से जल्द मकान हैंडओवर करने का वादा कर दिया. हैरानी की बात ये है कि जिन्हें बिल्डर ने मकान डिलीवर कर दिया है वो भी बिल्डर के मोहताज बने हैं.

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संजय तिवारी ने जिस मकान के लिए मेहनत की पूरी कमाई झोंक दी उसे हासिल करने के लिए बिल्डर के ऑफिस और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पर हर बार उन्हें तारीख के सिवा कुछ और हासिल नहीं होता. चेहरे पर सिर्फ हताशा नजर आती है. आवाज में दर्द उभर आता है क्योंकि आठ साल का इंतजार अच्छे खासे इंसान का हौसला तोड़ देता है.

हरियाणा के हिसार के रहने वाले संजय ने मकान के लिए गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में K. M. Residency प्रोजेक्ट में इनवेस्ट किया. बिल्डर-बायर एग्रीमेंट में लिखा था कि मकान तीन साल तीन महीनों में नहीं मिला तो पेनाल्टी मिलेगी. निराश हुए तो यूपी रेरा का दरवाजा खटखटाया लेकिन रेरा के आदेश के बावजूद बिल्डर हरेन्द्र खोखर ने पेनाल्टी नहीं दी.

परिवार को नहीं रखते साथ

आरोप है कि मकान अब भी तैयार नहीं है जबकि संजय 95 फ़ीसदी रकम बिल्डर को दे चुके हैं. आठ सालों की ईएमआई में 10 लाख रुपए ब्याज भी भर चुके हैं. ग़ाज़ियाबाद के वसुंधरा में किराए के मकान में रहते हैं. अफसोस ये है कि ईएमआई और किराया के बोझ की वजह से अपने परिवार को भी साथ नहीं रख सकते. ये दर्द आम इंसान ही समझ सकता है, करोड़पति बिल्डर नहीं समझ सकते.

होम बायर्स के हक के लिए टीवी 9 भारतवर्ष की टीम ने प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचकर बिल्डर के अधिकारी से बात की. बिल्डर के अधिकारी ने सौ मजबूरियां गिनाई लेकिन जल्द फ्लैट हैंडओवर करने का भरोसा भी दिया और पेनाल्टी के आदेश का पालन करने का भी वादा किया. हालांकि वो इस बार कोई तारीख देने से बचता रहता.

जिन्हें मिल चुका फ्लैट वो भी परेशान

गाजियाबाद के इस हाउसिंग प्रोजेक्ट में जिन्हें फ्लैट मिल चुका है वो कम परेशान नहीं हैं. आरोप है कि सोसाइटी में बेसिक सुविधाएं भी नहीं हैं, पार्किंग तक तैयार नहीं है. हालात ऐसे हैं कि जान का खतरा तक बना रहता है.

साफ है बिल्डरों के झूठ और फरेब की बुनियाद पर टिकी रियलिटी मार्केट की ये इमारत अब हिलने लगी है क्योंकि आम आदमी का भरोसा अब टूटने लगा है. इससे पहले कि और देर हो जाए सरकार को कड़ा कदम उठाना होगा. झूठे ख्वाब दिखाने वाले धोखेबाज बिल्डरों पर नकेल कसना होगा.

अगर आप भी किसी बिल्डर की जालसाजी का शिकार हुए हैं या फिर आप भी सालों से अपने सपनों के घर को पाने का इंतजार कर रहे है या आपके पास किसी तरह का कोई सुझाव है तो आप हमें lootghar@tv9.com पर ईमेल कर सकते हैं. अगर कोई बिल्डर भी अपना पक्ष रखना चाहता है तो वो भी दिए गए मेल पर अपनी बात लिख सकता है.

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