कौन कर रहा है 2000 रुपए के नोटों की जमाखोरी?

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में आयकर विभाग के छापों के आंकड़े पर ये जानकारी दी.

केंद्र सरकार के मुताबिक आयकर विभाग द्वारा मारे गए छापों में 2000 रुपए के नोट कम बरामद हुए हैं. वित्तमंत्री निर्मला सीतारणम ने मंगलवार को राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में आयकर विभाग द्वारा मारे गए छापों में मिली रकम का 67.9 फीसदी हिस्सा 2000 रुपए के नोटों के रूप में था. अगले वित्त वर्ष यानी 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 65.9 फीसदी रहा और चालू वित्त वर्ष में अब तक का आंकड़ा 43.2 फीसदी रहा है.

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को सरकार ने 1000 और 500 के पुराने नोट चलन से बाहर कर दिए थे. अब तक काले धन को छिपाने के लिए बड़े नोटों का इस्तेमाल होता रहा है लेकिन आरबीआई और सरकार की तरफ से 2000 के नोटों की सप्लाई बंद होने की सुगबुगाहट के चलते इसमें कमी आई है.

कुछ समय से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक 2000 रुपए के नोटों को बंद करने की शंका भी व्यक्त की जा रही है. नोटबंदी के तीन साल होने पर आर्थिकमामलों के पूर्व सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा था कि 2000 रुपए के नोट बंद होने चाहिए, इनकी जमाखोरी हो रही है.

अब भारतीय बाजार में 2000 रुपए के नोटों की सप्लाई में कमी आई है. आरबीआई के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 2017 में मौजूद नोटों में 2000 के नोटों की संख्या 50 फीसदी थी जो अब घटकर 31 फीसदी रह गई है.

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