चीन को 40 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का झटका देने में जुटे भारतीय व्यापारी

त्योहारी सीजन (festive season) में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खिलौने, होम फर्निशिंग, किचेन एक्सेसरीज, गिफ्ट आइटम्स, घड़ियां, रेडीमेड गारमेंट्स, फर्नीचर, दिवाली की पूजा और सजावट का सामान आदि बड़ी मात्रा में बिकने की संभावना है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 3:53 pm, Sun, 18 October 20

देशभर में इस साल की दिवाली को हिंदुस्तानी दिवाली के रूप में मनाने के कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान को देश के कोने-कोने में ले जाने के लिए कैट ने व्यापक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. कैट के बैनर तले देश का व्यापारी वर्ग चीन को इस साल के दिवाली फेस्टिवल सीजन पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का एक बड़ा झटका देने को पूरी तरह मुकम्मल है. कैट के इस अभियान को देशभर से व्यापक समर्थन मिल रहा है. जहां व्यापारियों ने चीनी सामान को नहीं बेचने का संकलप लिया है वहीं दूसरी ओर देशभर में लोग चीनी सामान को खरीदने के मूड में बिलकुल भी नहीं हैं.

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने एक संयुक्त वक्तव्य में बताया कि हर साल भारत में दिवाली के सीजन पर लगभग 70 हजार करोड़ का व्यापार होता है जिसमें सोना चांदी, ऑटोमोबाइल जैसे महंगे रिटेल व्यापार भी शामिल हैं. इस 70 हजार करोड़ के व्यापार में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सामान बीते सालों में चीन से आयात होता है लेकिन इस साल जून महीने में जिस तरह से चीन ने 20 भारतीय जवानों को निर्दयता के साथ मारा है उसको लेकर देश के सभी वर्गों में चीन के प्रति काफी गुस्सा और आक्रोश है. जिसके चलते लोग चीन का सामान न खरीदने का मन बनाये हुए बैठें हैं और देशभर में व्यापारी कैट के “भारतीय सामान- हमारा अभिमान” और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “लोकल पर वोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” को जमीनी स्तर तक सफल बनाने में भारतीय सामानों को प्रमुखता से बेचे जाने के लिए स्टॉक का संग्रह कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- पुणे में नया टेक सेंटर स्थापित करेगी ये कंपनी, 1000 इंजीनियरों को देगी नौकरी

भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन में वैसे तो हर वर्ग का व्यापारी अपनी तैयारी कर रहा है मगर खास तौर पर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खिलौने, होम फर्निशिंग, किचेन एक्सेसरीज, गिफ्ट आइटम्स, घड़ियां, रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन गारमेंट्स, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स, कंस्यूमर ड्युरेबल्स, ऑफिस स्टेशनरी, दिवाली की पूजा और सजावट का सामान आदि बड़ी मात्रा में बिकने की संभावना है.

व्यापारियों को किया जाएगा प्रोत्साहित

उन्होंने बताया कि कैट ने चीन के सामानों के विकल्प के रूप में जहां देशभर में लघु उद्योगों को अधिक उत्पाद बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया हैं वहीं दूसरी ओर देश के हर शहर में कारीगरों, शिल्पकारों और ऐसे लोग जिनके पास कला-कौशल तो है लेकिन साधन नहीं है, को संपर्क कर उनसे दिवाली के त्योहार पर बिकने वाले उत्पाद बनवाएं हैं. ऐसे लोगों को देशभर में फैले व्यापारिक संगठनों के जरिये बाजारों में अपने उत्पाद बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके अलावा कैट रोजगार चाहने वाले लोगों को सहयोग कर देश के बाजारों में स्टाल लगाकर उनके द्वारा दिवाली के त्योहार से सम्बंधित सामान की बिक्री करने का अभियान भी चलाएगा.

चीन को लगेगा चीन को 40 हजार करोड़ का झटका

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि कैट का यह प्रयास सही मायनों में प्रधानमंत्री मोदी के लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत को वास्तविकता में करके दिखायेगा जिसके जरिये चीन को 40 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का झटका देकर सबक सिखाया जाएगा. उन्होंने कहा कि देशभर में कला और कौशल की कोई कमी नहीं हैं पर ऐसे लोगों को उत्पाद के लिए सहयोग करना और फिर उत्पाद बेचने के लिए उनको बाजार देने की जरूरत है. यह काम एयरकंडीशनर कमरों में बैठकर कागजी योजना बनाने से नहीं होगा बल्कि इसके लिए जमीन पर उतर कर काम करना होगा जिससे प्रधानमंत्री मोदी की सोच को अमली जामा पहनाया जा सके.

ये भी पढ़ें- फेस्टिव सीजन में SBI लाया खुशियों की सौगात, जीरो प्रोसेसिंग फीस पर मिलेगी ये सुविधाएं