आईएमएफ : वैश्विक अर्थव्यवस्था में आएगी 4.4 प्रतिशत की गिरावट, चीन होगा एक मात्र वृद्धि वाला देश

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल विकसित आर्थिक समुदायों की 5.8 प्रतिशत की गिरावट होगी, उभरते बाजार और विकासशील आर्थिक अर्थव्यवस्थाओं की 3.3 प्रतिशत की कमी आएगी.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हाल ही में ‘विश्व आर्थिक आउटलुक’ रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अनुमान लगाया गया कि साल 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4.4 प्रतिशत की गिरावट आएगी लेकिन चीनी अर्थव्यवस्था में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो दुनिया भर में एक मात्र सक्रिय वृद्धि प्राप्त प्रमुख आर्थिक समुदाय है. रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक बहाली के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से धीरे-धीरे निकल आई है.

एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में चीन की मदद से वैश्विक व्यापार की बहाली जून महीने से ही शुरू हुई लेकिन कुछ क्षेत्रों में महामारी के फैलाव की गति तेज हो रही है, कुछ आर्थिक समुदायों ने अगस्त से ही आर्थिक बहाली को धीमा किया.

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भारत की अर्थव्यवस्था में 10.3 प्रतिशत की कमी

विस्तृत रूप से देखा जाए, तो इस साल विकसित आर्थिक समुदायों की 5.8 प्रतिशत की गिरावट होगी, उभरते बाजार और विकासशील आर्थिक अर्थव्यवस्थाओं की 3.3 प्रतिशत की कमी आएगी. अमेरिका की 4.3 प्रतिशत, यूरो क्षेत्र की 8.3 प्रतिशत, जापान की 5.3 प्रतिशत की गिरावट होगी. वहीं भारत की अर्थव्यवस्था में 10.3 प्रतिशत की कमी होगी.

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अगले साल भी जारी रहेगी चीनी आर्थिक वृद्धि

रिपोर्ट में कहा गया कि चीन दुनिया भर में एक मात्र सक्रिय आर्थिक वृद्धि वाली प्रमुख आर्थिक इकाई है. आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, इस साल चीन की आर्थिक वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत होगी, जो गत जून में अनुमान से 0.9 प्रतिशत बढ़ाया गया. आने वाले साल 2021 में चीनी आर्थिक वृद्धि जारी होगी, जो 8.2 प्रतिशत का अनुमान है.

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि वैश्विक आर्थिक पुनरुत्थान लम्बा समय होगा, असंतुलित और अनिश्चित भी होगा. उन्होंने दुनिया भर में विभिन्न आर्थिक समुदायों से समय से पहले अपनी राजकोषीय और मौद्रिक सहायता नीतियों को वापस न लेने की अपील की, ताकि लगातार आर्थिक बहाली को सुनिश्चित किया जा सके.

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