वैश्विक मंदी के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के डूबे 4.23 लाख करोड़ रुपये

वैश्विक मंदी (global recession) के बीच एक बार फिर सोमवार को शेयर बाजार (share market) धराशायी  हो गया.

Share Market

वैश्विक मंदी (global recession) के बीच एक बार फिर शेयर बाजार (share market) धराशायी  हो गया. घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) सोमवार को 812 अंक लुढ़क गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (national stock exchange) का निफ्टी (NIFTY) 11,300 अंक से नीचे बंद हुआ. यूरोप में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी और एक बार फिर ‘लॉकडाउन’ की आशंका में वैश्विक स्तर पर बाजारों में बिकवाली हुई जिसका असर घरेलू शेयर बाजारों पर पड़ा.

डेनमार्क, यूनान और स्पेन ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिये नये सिरे से पाबंदिया लगायी हैं. ब्रिटेन भी दूसरा देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाने पर विचार कर रहा है. इसको देखते हुए निवेशकों ने यात्रा, खपत और बैंक शेयरों में बिकवाली की. यह लगातार तीसरी कारोबारी सत्र है जब शेयर बाजार नीचे आया है. तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 811.68 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,034.14 अंक पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी भी 254.40 अंक यानी 2.21 प्रतिशत का गोता लगाकर 11,250.55 अंक पर बंद हुआ.

निवेशकों के डूबे 4.23 लाख करोड़ रुपये, इनको हुआ नुकसान

सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान इंडसइंड बैंक को हुआ. इसमें 8.67 प्रतिशत की गिरावट आयी. इसके अलावा जिन अन्य प्रमुख शेयरों में गिरावट रही, उनमें भारती एयरटेल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, एक्सिस बैंक और ओएनजीसी शामिल हैं.

दूसरी तरफ सेंसेक्स के केवल तीन शेयर कोटक बैंक, इन्फोसिस और टीसीएस लाभ में रहे. इनके शेयर में 0.86 प्रतिशत तक की तेजी आयी. इस गिरावट से निवेशकों के 4.23 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 1,54,76,979.16 पर आ गया.

कोरोना के बढ़ते मामलों से बाजार पर असर

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘दोपहर के कारोबार में मुनाफवासूली के चलते घरेलू शेयर बाजारों में 2 प्रतिशत से अधिक गिरावट आयी. यह वैश्विक बाजारों के अनुरूप है जहां यूरोप समेत कई देशों में संक्रमण के मामले बढ़ने से लोगों की बाजार के प्रति नकारात्मक बढ़ी है.’

उन्होंने कहा, ‘संक्रमण बढ़ने के कारण यूरोप में अतिरिक्त पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है. उच्च मूल्य के साथ इस बात की चिंता है कि कंपनियों की कमाई फिलहाल उस मूल्य के अनुरूप नहीं होंगी. ऐसे में बाजार में अनिश्चितता रह सकती है. निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है.’

वैश्विक स्तर पर एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के सोल में भी भारी गिरावट रही.यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरूआती कारोबार में तीन प्रतिशत तक गिरावट आयी. इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.04 प्रतिशत गिरकर 42.27 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. इधर, विदेशी विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे मजबूत होकर 73.38 पर बंद हुआ.

 

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