लूटघर : 2010 में बुक किया फ्लैट, घर की पूरी कीमत बिल्डर को देने के बाद भी हाथ खाली

नोएडा (Noida) में 2010 से घर का सपना देख रहे लोगों को बिल्डर (Builder) ने धोखा दिया जबकि उन्होंने फ्लैट का पूरा पैसा दे दिया था. अब बिल्डर 'बिल्डर्स एसोसिएशन' का अध्यक्ष हो गया है, जिससे वो घर मिलने की सभी उम्मीदें खो चुके हैं.
fake builders in noida, लूटघर : 2010 में बुक किया फ्लैट, घर की पूरी कीमत बिल्डर को देने के बाद भी हाथ खाली

दिल्ली-नोएडा (Delhi-Noida) जैसे बड़े-बड़े शहरों में लोगों को आशियाने का सपना दिखाने वाले फर्जी बिल्डर उनसे उनकी जिन्दगी भर की कमाई हड़प लेते हैं और बदले में घर की जगह डराते धमकाते हैं. घर का सपना छोड़ लोग कोर्ट (court) के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

विजय कुमार सचदेव बताते हैं कि अप्रैल 2010 में नोएडा स्थित सुपरटेक के इको विलेज-1 में 1BHK फ्लैट बुक किया. फ्लैट पत्नी के नाम पर बुक किया गया और उसकी पूरी कीमत बिल्डर को दी जा चुकी है.

बिल्डर ने दिसंबर 2014 में फ्लैट देने का वादा किया था. 6 साल बाद भी सीनियर सिटीजन पति-पत्नी फ्लैट के लिए तरस रहे हैं. उनका कहना है कि सुपरटेक के चेयरमैन तो अब बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हो गए हैं, ऐसे में उन्हें न्याय की उम्मीद भी धूमिल लग रही है.

बिल्डर नहीं वापस किए रुपए

असम काज़ीरंगा यूनिवर्सिटी में प्रो. डॉ मनीष श्रीवास्तव लिखते हैं कि उन्होंने अक्टूबर 2015 में वाराणसी में अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड का एक फ्लैट खरीदा. लोकेशन देखकर 22 लाख रुपए का एकमुश्त भुगतान अक्टूबर में ही कर दिया था. प्रोजेक्ट आगे बढ़ते न देख 2017 में उन्होंने राशि वापस करने की बात कही जिसके लिए बिल्डर मान गए लेकिन दिया कुछ नहीं.

हारकर जनवरी 2019 में यू पी रेरा में शिकायत दर्ज की और 5-6 सुनवाई के बाद सितंबर 2019 में फैसला उनके हक में दिया गया और बिल्डर से 12 मासिक किश्तों में भुगतान करने को कहा गया. बिल्डर ने एक किश्त तो दी लेकिन उसके बाद कुछ नहीं.

वो बताते हैं कि अब ना रेरा फोन उठाते हैं न बिल्डर. ऐसे में टीवी 9 भारतवर्ष की मुहीम से एक उम्मीद जगी है. ये सारी जालसाजी सरकार और प्रशासन के सामने है लेकिन इन्हें देखकर लगता है, जैसे इस पूरे घोटाले पर नकेल कसने के लिए दूसरे ग्रह से कोई आएगा. इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है.

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