चीन का विरोध: दिवाली पर देश के 7 करोड़ कारोबारियों का बड़ा फैसला, नहीं बेचेंगे चीनी सामान

कारोबारियों ने इस दिवाली पर देश के हर घर को भारतीय उत्पादों से सजाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. कैट ने दावा किया है कि उनके साथ देश के 7 करोड़ कारोबारी शामिल है और सबने एक सुर में चीन का विरोध किया है. 

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के आह्वाहन पर इस दिवाली देश के किसी भी बाजार में चीन में बना समान नही बेचा जायगा,  और इस साल भारतीय सामानों से बाज़ारो की रौनक दोगुनी करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है. चीन के साथ तनावपूर्ण होते भारत के रिश्ते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और लोकल पर वोकल जैसे कैंपेन और भारतीय व्यपारियो की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए कैट ने इस त्योहारी मौसम में चीनी सामानों के पूर्ण बहिष्कार  और भारत में बने सामानों को जन जन तक पहुचने की मुहिम छेड़ दी है. कैट ने इसी साल, 10 जून को “भारतीय सामान हमारा अभिमान”, नाम की मुहिम की शुरुआत  कर दी थी और इसी कड़ी में इस दिवाली पर देश के हर घर को भारतीय उत्पादनो से सजाने की तैयारियां शुरू कर दी है. कैट ने दावा किया है कि उनके साथ देश के 7 करोड़ कारोबारी शामिल है और सबने एक सुर में चीन का विरोध किया है.

40 हजार करोड़ के कारोबार पर असर

कैट ने देश के घरेलू व्यापार, महिला कारीगरों और व्यवसायियों को सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया है, और इस त्योहार के अवसर पर आम आदमी बाज़ारों के साथ साथ घर बैठे भी घरेलू उत्पादनों की खरीदारी कर सकते है. हर साल राखी से लेकर दीवाली तक चीन भारत मे तकरीबन 40 हज़ार करोड़ रुपये का त्योंहार से जुड़े सामानो का आयात करता है और इसी को देखते हुए कैट ने हमेशा से ही भारतीय बाज़ारो पर चीन के बढ़ते वर्चस्व के खिलाफ आवाज़ उठाई है. पर इस बार आवाज़ को अंजाम तक पहुँचाया जायगा. इसी कड़ी में कैट ने 2 महीने पहले से ही  देश के चार राज्यो में त्योहारों से जुड़े सामानों को बनाने का कार्य शुरू करवा दिया है जिससे भारतीय बाज़ारों में इनकी आसान उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके. इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये भी घरेलु उत्पादनो को घर घर पहुँचाया जा रहा है.

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भारतीय सामानों की बढ़ी डिमांड

कैट के मुताबिक इस साल देश मे ही नहीं बल्कि विदेशों  में भी भारतीय सामानों की डिमांड बढ़ गई है, लोग भी जागरुक हुए हैं और देसी समान खरीदने पर जोर दे रहे हैं. इससे इस बार भारतीय व्यापार बढ़ने की पूरी सम्भावना है. इस साल दिवाली से जुड़े देसी समान जैसे दीये, बिजली की लड़ियां, बिजली के रंग बिरंगे बल्ब, सजावटी मोमबत्तियां, सजावट के समान, वंदनवार, रंगोली एवं शुभ लाभ के चिन्ह, उपहार देने की वस्तुएँ, पूजन सामग्री, मिट्टी की मूर्तियां और भी अनेकों उत्पादन भारतीय कारीगरों ने ही तैयार किये हैं जिनको भारतीय ट्रेडर्स बाज़ारों तक पहुचाएंगे सजे अलावा ऑनलाइन , और सोशल मीडिया प्रोग्राम के जरिये और वर्चुअल प्रदर्शनी और देश भर के  बाज़ारों में स्टाल्स लगाए जाएंगे जिससे लोगों को भारतीय सामग्रियों की कमी नही महसूस होगी और हर हिंदुस्तानी शान से त्योहार जगमगाएगा.

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